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बर्खास्त शिक्षकों के वेतन की होगी रिकवरी

Mon, 30 Aug 2021 06:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 06:47 PM IST
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Salary of dismissed teachers will be recovered
फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के सहारे प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में नौकरी कर रहे छह बर्खास्त शिक्षकों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब इन्होंने वेतन और भत्तों के रूप में कितना सरकारी धन हासिल किया विभाग इसके आकलन में जुट गया है। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पूर्व के वर्षों में मेरिट के हिसाब से नियुक्ति होती थी। विश्वविद्यालय और बोर्ड से प्रमाणपत्रों का सत्यापन होने के बाद नौकरी पक्की हो जाती थी। शासन की ओर से मानव संपदा पोर्टल को प्रभावी किया गया तो प्रदेश भर में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक मिले। जिले में भी पांच शिक्षक ऐसे मिले जो दूसरे के प्रमाणपत्रों पर नौकरी करते पाए गए। इसमें गाजीपुर जनपद निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने नाम व पता का फर्जी दस्तावेज लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। इनकी पहली तैनाती वर्ष 2010 में डीघ ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पुरवां में की गई थी। इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय बेरासपुर गांव में तैनात थे। इनके खिलाफ तिनसुखिया, असम में स्थित केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत आशुतोष त्रिपाठी नामक व्यक्ति शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि उनके नाम का फर्जी दस्तावेज तैयार कर वह नौकरी कर रहे हैं। इसी तरह देवरिया निवासी प्रेमलता त्रिपाठी की नियुक्ति वर्ष 2010-11 में हुई थी। वह ज्ञानपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय कंसापुर में तैनात थीं। इनके ऊपर फर्जी अभिलेख के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप था। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय मऊरामशाला की हेडमास्टर श्याम कुमारी भी फर्जी प्रमाणपत्र में फंस गईं। कोइरौना थाने के प्राथमिक विद्यालय फुलवरियां के शिक्षक अरुण कुमार, सुरियावां थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मोढ़ बाजार के शिक्षक मनोज यादव और दुर्गागंज थाने के खरगसेनपटी के सहायक अध्यापक सुभाष भी फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी करते मिले। करीब सात से आठ माह पूर्व इन शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई के साथ ही मुकदमा भी दर्ज किया गया, लेकिन रिकवरी का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नए बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए लेखाधिकारी से सभी शिक्षकों के वेतन के आकलन का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि आकलन के आधार पर संबंधितों को रिकवरी नोटिस भेजी जाएगी।
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