ज्ञानपुर। कोतवाली क्षेत्र के कांवल गांव में 2011 में हुए हत्या के प्रयास के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी की अदालत ने बुधवार को आठ आरोपियों को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 24-24 हजार रुपये से अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार शुक्ला व विनय बिंद ने बताया कि ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के चकसिधारी गांव निवासी राधेश्याम 28 अक्तूबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह आरोपी रामजीत, धीरज, नीरज आदि एकराय होकर ट्रैक्टर लेकर आये और गेहूं का खेत जोतने लगे। शिकायतकर्ता के भाई श्यामजी, लालजी, मनभावती पहुंची। घात लगाकर बैठे आरोपितों ने मेवा के ललकारने पर रामजीत गड़ांसा से, धीरज बर्छी से और अन्य लोग लाठी, डंडा, रंभा से वार कर घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना आरंभ की। साक्ष्य संकलन के बाद विवेचना अधिकारी ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। घटना के समर्थन में गवाहों को परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अशद अहमद हाशमी की अदालत ने आरोपी धीरज मिश्रा कांवल, साधु उर्फ जयशंकर बिंद, मेवा बिंद, भोले बिंद, राजेंद्र बिंद, महेंद्र बिंद निवासी नंदापुर, रामजीत मिश्रा कांवल, पग्गल उर्फ पलकधारी निवासी नंदापुर को घटना का कसूरवार पाते हुए 10-10 का सश्रम कारावा, 24-24 हजार से अर्थदंड की सजा सुनाई।