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बदला मौसम, किसानों की बढ़ी धड़कन
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ज्ञानपुर से सटे भुड़की गांव में अगैती सरसों की मड़ाई करते किसान। संवाद
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच बृहस्पतिवार की रात में मौसम ने एक बार फिर पलटी मारी। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में छाए काले बादलों की घटा ने किसानों की धड़कन को बढ़ा दिया । वहीं मौसम के इस मिजाज को देखने के बाद ज्यादातर किसान अपनी अगैती सरसों की फसल को समेटने में लग गए हैं। किसान ओलावृष्टि और तेज बारिश को लेकर किसान चिंतित हो उठे हैं।
रबी सीजन में बोई जाने वाली फसलों की मार्च- अप्रैल में कटाई होती है। जिले में करीब 50 हजार हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की अगैती फसल करीब-करीब तैयार हो चुकी है। रबी की फसलों के लिए इस बार मौसम अभी तक अनुकूल रहा है। गेहूं, अरहर, मटर, सरसों, मसूर और तिलहन की लहलहाती फसलों को देखकर इस बार किसान काफी उत्साहित हैं। जिससे ज्यादातर किसान इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की बात कर रहे हैं। खाद, बीज, पानी के लिए तमाम परेशानी सहने के बाद किसान अब फसल की कटाई की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन महीने भर साफ मौसम रहने के बाद बृहस्पतिवार की रात में अचानक करवट बदली है। ऐसे में किसानों को यह आशंका सताने लगी कि तेज बारिश संग हवाएं और ओले पड़े तो खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो जाएगी।
इस संबंध में देवाजितपुर के किसान भोलानाथ उपाध्याय की माने तो गेहूं की अगैती फसल तैयार हो चुकी है। सरसों की फसल की मड़ाई चल रही है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि जारी पूर्वानुमान के अनुसार 12 मार्च तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की आशंका है। जिले में ओलावृष्टि के कम आसार हैं। प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखे हुए फसल की सिंचाई 13 मार्च तक स्थगित रखने की सलाह किसानों को दी गई है।
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उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि हल्की बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। तेज बारिश संग हवा चलेगी तो गेहूं संग अन्य फसलों पर प्रभाव पड़ेगा।
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रबी सीजन में बोई जाने वाली फसलों की मार्च- अप्रैल में कटाई होती है। जिले में करीब 50 हजार हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की अगैती फसल करीब-करीब तैयार हो चुकी है। रबी की फसलों के लिए इस बार मौसम अभी तक अनुकूल रहा है। गेहूं, अरहर, मटर, सरसों, मसूर और तिलहन की लहलहाती फसलों को देखकर इस बार किसान काफी उत्साहित हैं। जिससे ज्यादातर किसान इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की बात कर रहे हैं। खाद, बीज, पानी के लिए तमाम परेशानी सहने के बाद किसान अब फसल की कटाई की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन महीने भर साफ मौसम रहने के बाद बृहस्पतिवार की रात में अचानक करवट बदली है। ऐसे में किसानों को यह आशंका सताने लगी कि तेज बारिश संग हवाएं और ओले पड़े तो खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो जाएगी।
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इस संबंध में देवाजितपुर के किसान भोलानाथ उपाध्याय की माने तो गेहूं की अगैती फसल तैयार हो चुकी है। सरसों की फसल की मड़ाई चल रही है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि जारी पूर्वानुमान के अनुसार 12 मार्च तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की आशंका है। जिले में ओलावृष्टि के कम आसार हैं। प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखे हुए फसल की सिंचाई 13 मार्च तक स्थगित रखने की सलाह किसानों को दी गई है।
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उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि हल्की बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। तेज बारिश संग हवा चलेगी तो गेहूं संग अन्य फसलों पर प्रभाव पड़ेगा।