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Bhadohi News: 36 हजार बोल्ट के प्रवाह वाले तारों के नीचे आवासीय भवन
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ज्ञानपुर। जनपद में ढाई सौ किलोमीटर ट्रांसमिशन तारों में 36 हजार हाई वोल्टेज दौड़ रहा है। इसके बावजूद सतर्कता बोर्ड का उल्लंघन कर आवासीय भवन बनाने वाले हर रोज खतरों से खेल रहे हैं। इस तरह की लापरवाही से अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जिले के गोधना, चकमांधाता, भदोही नगर, उगापुर, बभनौटी समेत अन्य क्षेत्रों में इस तरह भवन देखने को मिल जाएंगे।
जनपद में तीन विद्युत खंड से लगभग सवा दो लाख ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता जुड़े हैं। इन उपभोक्ताओं को निर्धारित रोस्टर सहित आपात कालीन परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति के लिए पारेषण खंड वाराणसी ने लगभग ढाई सौ किलोमीटर में ट्रांसमिशन तारों का जाल फैलाया है। उक्त तार विद्युत वितरण खंड में जुड़ने के बाद आउट गोइंग व्यवस्था के तहत उपकेंद्रों तक सप्लाई पहुंचाते हैँ। सवाल है कि इन हाईवोल्टेज तारों के नीचे सैकड़ों आवासीय भवन बने हुए हैं। पारेषण खंड जगह-जगह तारों के नीचे भवन निर्माण न कराने की चेतावनी बोर्ड भी लगवाता है। जिसे नजरअंदाज कर भवन निर्माण करवाने वाले तारों के नीचे आवास बनवाएं हैं। जिससे इसमें रहने वाले लोगों की जिंदगी हर समय खतरे में रहती है। सवाल है कि आखिर लोग क्यों सतर्कता बोर्ड के नियमों को नजर अंदाज कर इस तरह निर्माण कार्य करा रहे हैं। भविष्य में अगर किसी तरह की अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार किसे माना जाएगा।
अधिशासी अभियंता पारेषण खंड चतुर्थ-वाराणसी चंद्रशेखर ने बताया कि ट्रांसमिशन के तार एक दशक पूर्व से लगे हैं। कुछ स्थानों पर लगाए जा रहे नये तारों को लगवाते समय भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वालों को आगाह किया जा चुका है। ट्रांसमिशन के एक खंड में लगभग 36 हजार वोल्ट का करंट प्रवाह होते हैं। ऐसी स्थिति में सतर्कता बोर्ड का उल्लंघन कभी भी दुष्प्रभाव का कारण बनेगा। विभागीय टीम ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में शीघ्र पहुंचेगी।
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जनपद में तीन विद्युत खंड से लगभग सवा दो लाख ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता जुड़े हैं। इन उपभोक्ताओं को निर्धारित रोस्टर सहित आपात कालीन परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति के लिए पारेषण खंड वाराणसी ने लगभग ढाई सौ किलोमीटर में ट्रांसमिशन तारों का जाल फैलाया है। उक्त तार विद्युत वितरण खंड में जुड़ने के बाद आउट गोइंग व्यवस्था के तहत उपकेंद्रों तक सप्लाई पहुंचाते हैँ। सवाल है कि इन हाईवोल्टेज तारों के नीचे सैकड़ों आवासीय भवन बने हुए हैं। पारेषण खंड जगह-जगह तारों के नीचे भवन निर्माण न कराने की चेतावनी बोर्ड भी लगवाता है। जिसे नजरअंदाज कर भवन निर्माण करवाने वाले तारों के नीचे आवास बनवाएं हैं। जिससे इसमें रहने वाले लोगों की जिंदगी हर समय खतरे में रहती है। सवाल है कि आखिर लोग क्यों सतर्कता बोर्ड के नियमों को नजर अंदाज कर इस तरह निर्माण कार्य करा रहे हैं। भविष्य में अगर किसी तरह की अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार किसे माना जाएगा।
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अधिशासी अभियंता पारेषण खंड चतुर्थ-वाराणसी चंद्रशेखर ने बताया कि ट्रांसमिशन के तार एक दशक पूर्व से लगे हैं। कुछ स्थानों पर लगाए जा रहे नये तारों को लगवाते समय भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वालों को आगाह किया जा चुका है। ट्रांसमिशन के एक खंड में लगभग 36 हजार वोल्ट का करंट प्रवाह होते हैं। ऐसी स्थिति में सतर्कता बोर्ड का उल्लंघन कभी भी दुष्प्रभाव का कारण बनेगा। विभागीय टीम ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में शीघ्र पहुंचेगी।
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