{"_id":"6208002a55a0e71d7d633d82","slug":"report-of-schools-will-be-in-front-on-one-click-bhadohi-news-vns6383124163","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक क्लिक पर सामने होगी स्कूलों की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक क्लिक पर सामने होगी स्कूलों की रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों की रिपोर्ट भी एक क्लिक पर खुलकर लोगों के सामने आ जाएगी। इससे अभिभावक तो स्कूलों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल कर ही सकेंगे, अधिकारी भी कार्यालय में बैठे-बैठे आसानी से निगरानी कर सकेंगे। कमियां मिलने पर ठोस कार्रवाई भी की जा सकेगी। इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। जिले को प्रेरक जिला बनाने की ओर अग्रसर शिक्षा विभाग इसके लिए डिजिटल डायरी बनवा रहा है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही डायरी बनकर तैयार भी हो जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि प्रेरक जनपद बनने के लिए प्रयासरत बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों की डिजिटल डायरी बनाने की पहल की है। विभाग एक डिजिटल डायरी तैयार कर रहा है, जिसमें सभी स्कूलों का पिछले दो साल का लेखाजोखा दर्ज होगा। एक क्लिक पर स्कूलों की बीते वर्षों की उपलब्धियां, पंजीकृत छात्रों की संख्या, नए प्रवेश, निर्माण आदि की जानकारी सामने होगी। भदोही जिले के ब्लाकों में 892 स्कूल संचालित किए जाते हैं। इनमें डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें करीब चार हजार शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। स्कूलों का ब्योरा विभागीय फाइलों में दर्ज जरूर है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे निकालना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार तो जब अधिकारी जांच करने पहुंचते हैं तब पता चलता है कि किसी फाइल का कोई पन्ना ही गायब है। इस समस्या के समाधान के लिए डिजिटल डायरी की तैयारी की जा रही है। डिजिटल डायरी में जो खोजना होगा, वह एक क्लिक में सामने आ जाएगा। शिक्षा विभाग गूगल सीट पर जो डिजिटल डायरी बनवा रहा है, उसमें हर स्कूल का पिछले दो साल का लेखा-जोखा दर्ज किया जा रहा है। इसमें पहले और अब छात्रों की संख्या, छात्र-छात्राओं को किताब, ड्रेस आदि के वितरण की स्थिति, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की संख्या और नाम, उनकी परफार्मेंस, लंबित जांच, स्कूल में मिशन प्रेरणा से जुड़े काम, एमडीएम की स्थिति, मिशन कायाकल्प के तहत निर्माण और स्कूल की उपलब्धियों का सिलसिलेवार ब्योरा दर्ज होगा। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि प्रेरक जनपद बनाने के लिए काम चल रहा है। सभी स्कूलों की डिजिटल डायरी बननी है। इसके लिए काम चल रहा है। गूगल सीट पर सभी स्कूलों से जानकारी मंगाई गई है। इसमें कायाकल्प आदि का ब्योरा भरा जाना है। इससे एक क्लिक में कई जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि प्रेरक जनपद बनने के लिए प्रयासरत बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों की डिजिटल डायरी बनाने की पहल की है। विभाग एक डिजिटल डायरी तैयार कर रहा है, जिसमें सभी स्कूलों का पिछले दो साल का लेखाजोखा दर्ज होगा। एक क्लिक पर स्कूलों की बीते वर्षों की उपलब्धियां, पंजीकृत छात्रों की संख्या, नए प्रवेश, निर्माण आदि की जानकारी सामने होगी। भदोही जिले के ब्लाकों में 892 स्कूल संचालित किए जाते हैं। इनमें डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें करीब चार हजार शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। स्कूलों का ब्योरा विभागीय फाइलों में दर्ज जरूर है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे निकालना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार तो जब अधिकारी जांच करने पहुंचते हैं तब पता चलता है कि किसी फाइल का कोई पन्ना ही गायब है। इस समस्या के समाधान के लिए डिजिटल डायरी की तैयारी की जा रही है। डिजिटल डायरी में जो खोजना होगा, वह एक क्लिक में सामने आ जाएगा। शिक्षा विभाग गूगल सीट पर जो डिजिटल डायरी बनवा रहा है, उसमें हर स्कूल का पिछले दो साल का लेखा-जोखा दर्ज किया जा रहा है। इसमें पहले और अब छात्रों की संख्या, छात्र-छात्राओं को किताब, ड्रेस आदि के वितरण की स्थिति, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की संख्या और नाम, उनकी परफार्मेंस, लंबित जांच, स्कूल में मिशन प्रेरणा से जुड़े काम, एमडीएम की स्थिति, मिशन कायाकल्प के तहत निर्माण और स्कूल की उपलब्धियों का सिलसिलेवार ब्योरा दर्ज होगा। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि प्रेरक जनपद बनाने के लिए काम चल रहा है। सभी स्कूलों की डिजिटल डायरी बननी है। इसके लिए काम चल रहा है। गूगल सीट पर सभी स्कूलों से जानकारी मंगाई गई है। इसमें कायाकल्प आदि का ब्योरा भरा जाना है। इससे एक क्लिक में कई जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
विज्ञापन