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अहमदगंज आरओबी: डीएम व्यापारियों के बीच बैठक (दो खबरें)
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भदोही। जिला प्रशासन अहमदगंज रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में अधिग्रहण की जाने वाले भूमि और भवनों की पुन: नाप और मूल्यांकन कराने को राजी हो गया है। मकान अथवा जमीन के बदले मुआवजा राशि क्या हो, इसका भी कमेटी पुनर्विचार करेगी। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने मंगलवार को तहसील में भवन स्वामियों के साथ वार्ता के बाद यह आश्वासन दिया। डीएम से वार्ता के दौरान व्यापारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगपत्र उन्हें सौंपा।
डीएम ने सर्वप्रथम आरओबी निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कर निर्माण पूरा करने पर जोर दिया। इस पर व्यापारियों का पक्ष रख रहे अधिवक्ता उमाकांत गुप्ता ने कहा कि हमारी कुछ चिंताऐं हैं जिन पर तत्काल विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण की जद में आ रहे सभी मकानों और जमीन की फिर से पैमाइश कराई जाए। मुआवजे की रकम बढ़ाई जाए अन्यथा जिनका मकान और व्यवसाय छिन रहा है वे कहां जाएंगे। वहां मौजूद हाजी अब्दुल हादी ने कहा कि समस्याओं के निदान के बाद व्यापारियों एक निश्चित तिथि तक वहां से हट जाने का समय देने की भी मांग की। पालिकाध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल ने आरओबी के दर्मियान आ रहे पालिका की पाईपलाइन, सीवर लाइन के बदले मुआवजे की बात की। पालिकाध्यक्ष ने यह भी कहा कि नई नाप में जद में आ रहे मकानों का मूल्यांकन सूक्ष्मता से कराएं ताकि किसी को एक पैसे का नुकसान न हो। कुछ लोगों ने पालिका के पास जर्जर मकान की आधी पैमाईश पर एतराज जताते हुए पूरे मकान का मुआवजा बनाने की मांग की।
डीएम ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि मुआवजे की रकम को पुनर्विचार के लिए कमेटी को अग्रसारित किया जा रहा है। लोगों से कहा कि प्रशासन लोगों को उजित मुआवजे के बाद ही हटाना चाहता है। यह भी कहा कि देरी होने से पूरी आवाम को दिक्कत हो रही है इसलिए व्यापारी निर्माण में सहयोग करें। बैठक में राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक एसके निरंजन, एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा, विनीत बरनवाल, गिरधारी जायसवाल, वेद प्रकाश गुप्ता, कौशल कुमार गुप्ता, करुणा शंकर दूबे, महेंद्र बिंद, विनोद गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, हेमंत गुप्ता, विकास सेठ, विनोद जायसवाल, श्रीचंद्र गुप्ता, संतलाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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रेलवे क्रासिंग मार्ग बंद होने की सुगबुगाहट से नींद उड़ी
भदोही। अहमदगंज का आरओबी अ भी निर्माण की प्रक्रिया मे है। लेकिन इसके बन जाने के बाद रेलवे फाटक मार्ग हमेशा के लिए बंद कर दिए जाने की सुगबुगाहट से लोगों की नींद उड़ गई है। डीएम समेत सेतु निगम के अधिकारी कह रहे हैं इसका मतलब उनसे नहीं है लेकिन लोगों का कहना है कि यह मार्ग बंद कर दिया गया तो फाटक के उत्तर और दक्षिण के दुकानदारों की दुर्गति होगी। आज तहसील में हुई बैठक में यह मामला उठा अधिकारी यह कहकर निकल गए इस पर रेलवे को विचार करना है। जिसके बाद से लोगों की नींद उड़ गई है।
पिसेंगे दूकानदार और ठेले वाले
रेलवे फाटक भदोही शहर को बीच से बांटती है। यदि इसे बंद रखा गया तो भदोही दो हिस्सो में बंट जाएगा जिससे दोनो ओर के व्यापारी, उद्यमी, दुकानदार और रिक्शे ठेले वाली प्रभावित होंगे। इस पर जिला प्रशासन के साथ साथ रेलवे को भी सोचना होगा। वेद प्रकाश गुप्ता, एकमा कोषाध्यक्ष
ओवरब्रिज ने बहुत दर्द दिया है
भदोही का अहदगंज बाजार हमेशा से आबाद रहा है। इस रेलवे ओवरब्रिज ने नगरवासियों को बहुत दर्द दिया है। इस बाजार को न केवल तहस नहर करने का काम किया बल्कि निर्माण हो जाने के बाद यदि रास्ता बंद किया गया तो इसकी असली समस्या शुरू होगी। अब्दुल हादी अंसारी एकमा उपाध्यक्ष
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लाईफलाइन है अहमदगंज क्रासिंग
अहमदगंज गजिया रेलवे क्रासिंग शहरवासियों का लाईफलाइन है। इसे बंद करने देने से शहर की नब्ज टूट जाएगी। इसे बंद करने से पहले रेलवे को सोचना पड़ेगा। जिला प्रशासन को विचार करना होगा कि इसके बंद हो जाने से शहर की गति धीमी हो जाएगी। यादवेंद्र कुमार राय, निर्यातक
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बड़ी समस्या की ओर बढ़ रहे हम
जब से सुना है कि आरओबी निर्माण के बाद नीचे का रास्ता बंद हो जाएगा लोग परेशान हैं। कोई भ्रांति भी दूर नहीं कर पा रहा है। चूंकि ओवरब्रिज केवल औराई रोड जा रहा है ऐसे में ज्ञानपुर रोड की ओर जाने वालों के लिए मार्ग बंद करना भारी समस्या की ओर इशारा करता है। उमेश कुमार गुप्ता, सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य
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डीएम ने सर्वप्रथम आरओबी निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कर निर्माण पूरा करने पर जोर दिया। इस पर व्यापारियों का पक्ष रख रहे अधिवक्ता उमाकांत गुप्ता ने कहा कि हमारी कुछ चिंताऐं हैं जिन पर तत्काल विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण की जद में आ रहे सभी मकानों और जमीन की फिर से पैमाइश कराई जाए। मुआवजे की रकम बढ़ाई जाए अन्यथा जिनका मकान और व्यवसाय छिन रहा है वे कहां जाएंगे। वहां मौजूद हाजी अब्दुल हादी ने कहा कि समस्याओं के निदान के बाद व्यापारियों एक निश्चित तिथि तक वहां से हट जाने का समय देने की भी मांग की। पालिकाध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल ने आरओबी के दर्मियान आ रहे पालिका की पाईपलाइन, सीवर लाइन के बदले मुआवजे की बात की। पालिकाध्यक्ष ने यह भी कहा कि नई नाप में जद में आ रहे मकानों का मूल्यांकन सूक्ष्मता से कराएं ताकि किसी को एक पैसे का नुकसान न हो। कुछ लोगों ने पालिका के पास जर्जर मकान की आधी पैमाईश पर एतराज जताते हुए पूरे मकान का मुआवजा बनाने की मांग की।
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डीएम ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि मुआवजे की रकम को पुनर्विचार के लिए कमेटी को अग्रसारित किया जा रहा है। लोगों से कहा कि प्रशासन लोगों को उजित मुआवजे के बाद ही हटाना चाहता है। यह भी कहा कि देरी होने से पूरी आवाम को दिक्कत हो रही है इसलिए व्यापारी निर्माण में सहयोग करें। बैठक में राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक एसके निरंजन, एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा, विनीत बरनवाल, गिरधारी जायसवाल, वेद प्रकाश गुप्ता, कौशल कुमार गुप्ता, करुणा शंकर दूबे, महेंद्र बिंद, विनोद गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, हेमंत गुप्ता, विकास सेठ, विनोद जायसवाल, श्रीचंद्र गुप्ता, संतलाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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रेलवे क्रासिंग मार्ग बंद होने की सुगबुगाहट से नींद उड़ी
भदोही। अहमदगंज का आरओबी अ भी निर्माण की प्रक्रिया मे है। लेकिन इसके बन जाने के बाद रेलवे फाटक मार्ग हमेशा के लिए बंद कर दिए जाने की सुगबुगाहट से लोगों की नींद उड़ गई है। डीएम समेत सेतु निगम के अधिकारी कह रहे हैं इसका मतलब उनसे नहीं है लेकिन लोगों का कहना है कि यह मार्ग बंद कर दिया गया तो फाटक के उत्तर और दक्षिण के दुकानदारों की दुर्गति होगी। आज तहसील में हुई बैठक में यह मामला उठा अधिकारी यह कहकर निकल गए इस पर रेलवे को विचार करना है। जिसके बाद से लोगों की नींद उड़ गई है।
पिसेंगे दूकानदार और ठेले वाले
रेलवे फाटक भदोही शहर को बीच से बांटती है। यदि इसे बंद रखा गया तो भदोही दो हिस्सो में बंट जाएगा जिससे दोनो ओर के व्यापारी, उद्यमी, दुकानदार और रिक्शे ठेले वाली प्रभावित होंगे। इस पर जिला प्रशासन के साथ साथ रेलवे को भी सोचना होगा। वेद प्रकाश गुप्ता, एकमा कोषाध्यक्ष
ओवरब्रिज ने बहुत दर्द दिया है
भदोही का अहदगंज बाजार हमेशा से आबाद रहा है। इस रेलवे ओवरब्रिज ने नगरवासियों को बहुत दर्द दिया है। इस बाजार को न केवल तहस नहर करने का काम किया बल्कि निर्माण हो जाने के बाद यदि रास्ता बंद किया गया तो इसकी असली समस्या शुरू होगी। अब्दुल हादी अंसारी एकमा उपाध्यक्ष
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लाईफलाइन है अहमदगंज क्रासिंग
अहमदगंज गजिया रेलवे क्रासिंग शहरवासियों का लाईफलाइन है। इसे बंद करने देने से शहर की नब्ज टूट जाएगी। इसे बंद करने से पहले रेलवे को सोचना पड़ेगा। जिला प्रशासन को विचार करना होगा कि इसके बंद हो जाने से शहर की गति धीमी हो जाएगी। यादवेंद्र कुमार राय, निर्यातक
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बड़ी समस्या की ओर बढ़ रहे हम
जब से सुना है कि आरओबी निर्माण के बाद नीचे का रास्ता बंद हो जाएगा लोग परेशान हैं। कोई भ्रांति भी दूर नहीं कर पा रहा है। चूंकि ओवरब्रिज केवल औराई रोड जा रहा है ऐसे में ज्ञानपुर रोड की ओर जाने वालों के लिए मार्ग बंद करना भारी समस्या की ओर इशारा करता है। उमेश कुमार गुप्ता, सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य