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रौनक की हिम्मत से बच गए दूसरे और पहले फ्लोर के लोग
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गोपीगंज। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के गोपीगंज चुड़िहार मोहाल वार्ड संख्या 16 में आगलगी की घटना में असलम की भतीजी रौनक की हिम्ममत से परिवार के बाकी लोग बाल-बाल बच गए। अन्यथा आगे क्या होता कोई नहीं जानता। उसने अपनी परवाह न करते हुए आग के बीच से होकर दूसरे तल पर पहुंची और परिवार के अन्य सदस्यों को जगायी, जिससे मोहल्ले के लोग भी इकठ्ठा हुए और दमकल विभाग को बुलाकर आग पर काबू पाया जा सका।
असलम के भाई रईस की मानें तो परिवार के सभी लोग उसी घर में रहते हैं। तीन भाइयों में एक भाई का परिवार का नीचे, दूसरे का दूसरे फ्लोर पर है। तीसरे भाई असलम के पुत्रों का परिवार दूसरे फ्लोर पर ही है। इसलिए असलम भाई तीसरे फ्लोर पर टीनशेड वाले कमरे में रहते थे। रोज तीनों बेटियां उसी कमरे में सोती थीं। रात में अचानक आगलगी की घटना के बाद रौनक राते हुए दूसरे तल पर पहुंची और आग लगने की बात बतायी। उसी के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। बताया कि मकान में सभी को मिलाकर कुल 20 का परिवार रहता है। तीन तल के मकान में सबसे नीचे रईस का परिवार जिनकी संख्या पांच की है, दूसरे तल पर अशलम का परिवार जिनकी संख्या लगभग 10 की बताई जाती है और दूसरे तल पर ही पीछे के हिस्से में इस्तफ़ाक जो असलम के भाई का परिवार रहता है। इनकी संख्या चार है। आग के बीच से होकर निकलने की वजह से रौनक के पैर भी काफी ज्यादा जल गए हैं। उधर, दमकल की टीम को पहुंचने में देर लगने के कारण लोगों ने नाराजगी जतायी।
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गोपीगंज। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के गोपीगंज चुड़िहार मोहाल वार्ड संख्या 16 में आगलगी की घटना में असलम की भतीजी रौनक की हिम्ममत से परिवार के बाकी लोग बाल-बाल बच गए। अन्यथा आगे क्या होता कोई नहीं जानता। उसने अपनी परवाह न करते हुए आग के बीच से होकर दूसरे तल पर पहुंची और परिवार के अन्य सदस्यों को जगायी, जिससे मोहल्ले के लोग भी इकठ्ठा हुए और दमकल विभाग को बुलाकर आग पर काबू पाया जा सका।
असलम के भाई रईस की मानें तो परिवार के सभी लोग उसी घर में रहते हैं। तीन भाइयों में एक भाई का परिवार का नीचे, दूसरे का दूसरे फ्लोर पर है। तीसरे भाई असलम के पुत्रों का परिवार दूसरे फ्लोर पर ही है। इसलिए असलम भाई तीसरे फ्लोर पर टीनशेड वाले कमरे में रहते थे। रोज तीनों बेटियां उसी कमरे में सोती थीं। रात में अचानक आगलगी की घटना के बाद रौनक राते हुए दूसरे तल पर पहुंची और आग लगने की बात बतायी। उसी के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। बताया कि मकान में सभी को मिलाकर कुल 20 का परिवार रहता है। तीन तल के मकान में सबसे नीचे रईस का परिवार जिनकी संख्या पांच की है, दूसरे तल पर अशलम का परिवार जिनकी संख्या लगभग 10 की बताई जाती है और दूसरे तल पर ही पीछे के हिस्से में इस्तफ़ाक जो असलम के भाई का परिवार रहता है। इनकी संख्या चार है। आग के बीच से होकर निकलने की वजह से रौनक के पैर भी काफी ज्यादा जल गए हैं। उधर, दमकल की टीम को पहुंचने में देर लगने के कारण लोगों ने नाराजगी जतायी।
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