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राम-जानकी आएंगे : 22 जनवरी को 115 घरों में गूंजेगी किलकारी
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ज्ञानपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। कालीन नगरी में जिन महिलाओं की डिलीवरी ऑपरेशन के जरिए तीसरे और चौथे सप्ताह में होनी है। वह 22 जनवरी को ही प्रसव की तिथि तय की है। सरकारी अस्पतालों में अब तक 44 महिलाओं का प्रसव तय हो चुका है। अगर निजी अस्पतालों को मिलाया जाए तो यह संख्या 115 तक पहुंच गई है।
अयोध्या में जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के बाल रूप विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। अस्पतालों में प्रसव के लिए महिलाएं 22 जनवरी का दिन चुन रही हैं। मृगशिरा नक्षत्र में शिशुओं को जन्म देकर हर गर्भवती महिलाएं उस दिन को खास बनाना चाहती हैं। जिनके घरों में नए मेहमान की आमद होने वाली है, उन्हें इस विशेष दिन का इंतजार है। गर्भवती महिलाएं इसी दिन अपने शिशु को जन्म देना चाहती हैं। इस कतार में वह महिलाएं विशेष रूप से शामिल हैं, जिनके प्रसव की तिथि जनवरी के अंतिम सप्ताह में है। ऐसी गर्भवती महिलाओं ने चिकित्सकों से इच्छा जताई है कि उनके बच्चे का जन्म 22 जनवरी को ही हो, ताकि घर में आने वाले शिशु का नाम राम या जानकी रखा जा सके। वहीं, जिनकी तिथि पहले से प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन की तय है, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), 17 पीएचसी, दो जिला अस्पताल और 160 निजी अस्पताल हैं। सरकारी और निजी चिकित्सालयों को मिलाकर 22 जनवरी को 115 महिलाओं ने गर्भस्थ शिशुओं के जन्म लेने के लिए इच्छा जताई है। वहीं जिन गर्भवती महिलाओं के प्रसव की तिथि 22 जनवरी के आसपास है, वह प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन को चुन रही हैं। ताकि, प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन ही उनके आंगन में किलकारी गूंजे।
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दो जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में 22 जनवरी के दिन 44 गर्भवती महिलाओं की तिथि तय हो गई है। निजी अस्पतालों को मिलाकर संख्या 115 के करीब हो जाएगी।
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- डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ भदोही
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- भदोही से सटे सरोई बाजार के विशाल पांडेय की पत्नी पिंकी पांडेय का प्रसव जनवरी के तीसरे सप्ताह में होने वाला है। जीवनदीप अस्पताल में 22 जनवरी की तिथि को प्रसव के लिए तय किया गया है। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में चार महिलाओं ने अब तक प्रसव का समय दिया है।
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अयोध्या में जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के बाल रूप विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। अस्पतालों में प्रसव के लिए महिलाएं 22 जनवरी का दिन चुन रही हैं। मृगशिरा नक्षत्र में शिशुओं को जन्म देकर हर गर्भवती महिलाएं उस दिन को खास बनाना चाहती हैं। जिनके घरों में नए मेहमान की आमद होने वाली है, उन्हें इस विशेष दिन का इंतजार है। गर्भवती महिलाएं इसी दिन अपने शिशु को जन्म देना चाहती हैं। इस कतार में वह महिलाएं विशेष रूप से शामिल हैं, जिनके प्रसव की तिथि जनवरी के अंतिम सप्ताह में है। ऐसी गर्भवती महिलाओं ने चिकित्सकों से इच्छा जताई है कि उनके बच्चे का जन्म 22 जनवरी को ही हो, ताकि घर में आने वाले शिशु का नाम राम या जानकी रखा जा सके। वहीं, जिनकी तिथि पहले से प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन की तय है, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), 17 पीएचसी, दो जिला अस्पताल और 160 निजी अस्पताल हैं। सरकारी और निजी चिकित्सालयों को मिलाकर 22 जनवरी को 115 महिलाओं ने गर्भस्थ शिशुओं के जन्म लेने के लिए इच्छा जताई है। वहीं जिन गर्भवती महिलाओं के प्रसव की तिथि 22 जनवरी के आसपास है, वह प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन को चुन रही हैं। ताकि, प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन ही उनके आंगन में किलकारी गूंजे।
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दो जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में 22 जनवरी के दिन 44 गर्भवती महिलाओं की तिथि तय हो गई है। निजी अस्पतालों को मिलाकर संख्या 115 के करीब हो जाएगी।
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- डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ भदोही
- भदोही से सटे सरोई बाजार के विशाल पांडेय की पत्नी पिंकी पांडेय का प्रसव जनवरी के तीसरे सप्ताह में होने वाला है। जीवनदीप अस्पताल में 22 जनवरी की तिथि को प्रसव के लिए तय किया गया है। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में चार महिलाओं ने अब तक प्रसव का समय दिया है।