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रेलवे ने जिपं को पहुंचाया 15 करोड़ का नुकसान
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ओवरलोड वाहनों के कारण ध्वस्त चंदापुर-दरवांसी मार्ग।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे मंडुआडीह-प्रयागराज खंड पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण काम में लगे ट्रकों ने जिला पंचायत को 15 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। ओवरलोड के कारण करीब 17 सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसको लेकर जिला पंचायत ने तीन माह पूर्व वाराणसी मंडल प्रशासन को नोटिस भेजा था, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला। क्षतिग्रस्त सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया है।
रेल विकास निगम ने दो वर्ष पूर्वोत्तर रेलवे खंड पर करोड़ों की लागत से दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य शुरू कराया। काम की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था केपीटीएल और जीडीसीएल को सौंपा गया। विद्युतीकरण कार्य से लेकर दोहरीकरण में होने वाले सभी कार्यों में डंफर और ट्रक ही लगाए गए। ठेकेदारों ने ट्रकों पर क्षमता से अधिक सामानों को लदवाकर भेजने लगे। जिसके कारण सूफीनगर-जंगीगंज स्टेशन, पड़ाव-ज्ञानपुर रोड स्टेशन, गोधना-जंगीगंज स्टेशन, बिहसपुर-पूराकानूनगोयान मार्ग, कौलापुर फाटक मार्ग, अलमऊ हाल्ट मार्ग, रामकिशुनपुर-बसहीं मार्ग, औराई-माधोसिंह स्टेशन मार्ग, माधोसिंह-अहिमनपुर सहित करीब 17 सड़कें ध्वस्त हो गईं। दो माह पहले दरवांसी गांव के ग्रामीणों ने वाहनों को रोककर विरोध जताया तो दो-चार दिन तक वाहन दोहरीकरण कार्य तक नहीं पहुंचे, लेकिन उसके बाद भी फिर काम शुरू हो गया।
जिला पंचायत ने वाराणसी रेल मंडल को नोटिस भेजकर जवाब मांगा, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी जवाब नहीं मिल सका। अवर अभियंता जिला पंचायत अनिल कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों के पुर्ननिर्माण पर प्रति सड़क एक करोड़ से अधिक खर्च आता है। 17 सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर रेलवे प्रशासन को नोटिस भेजा गया है। एक सप्ताह तक इंतजार किया जाएगा। उसके बाद ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम से अनुमति ली जाएगी। वहीं दूसरी ओर सड़कें ध्वस्त होने से आवागमन मुश्किल हो गया है।
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रेल विकास निगम ने दो वर्ष पूर्वोत्तर रेलवे खंड पर करोड़ों की लागत से दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य शुरू कराया। काम की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था केपीटीएल और जीडीसीएल को सौंपा गया। विद्युतीकरण कार्य से लेकर दोहरीकरण में होने वाले सभी कार्यों में डंफर और ट्रक ही लगाए गए। ठेकेदारों ने ट्रकों पर क्षमता से अधिक सामानों को लदवाकर भेजने लगे। जिसके कारण सूफीनगर-जंगीगंज स्टेशन, पड़ाव-ज्ञानपुर रोड स्टेशन, गोधना-जंगीगंज स्टेशन, बिहसपुर-पूराकानूनगोयान मार्ग, कौलापुर फाटक मार्ग, अलमऊ हाल्ट मार्ग, रामकिशुनपुर-बसहीं मार्ग, औराई-माधोसिंह स्टेशन मार्ग, माधोसिंह-अहिमनपुर सहित करीब 17 सड़कें ध्वस्त हो गईं। दो माह पहले दरवांसी गांव के ग्रामीणों ने वाहनों को रोककर विरोध जताया तो दो-चार दिन तक वाहन दोहरीकरण कार्य तक नहीं पहुंचे, लेकिन उसके बाद भी फिर काम शुरू हो गया।
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जिला पंचायत ने वाराणसी रेल मंडल को नोटिस भेजकर जवाब मांगा, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी जवाब नहीं मिल सका। अवर अभियंता जिला पंचायत अनिल कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों के पुर्ननिर्माण पर प्रति सड़क एक करोड़ से अधिक खर्च आता है। 17 सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर रेलवे प्रशासन को नोटिस भेजा गया है। एक सप्ताह तक इंतजार किया जाएगा। उसके बाद ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम से अनुमति ली जाएगी। वहीं दूसरी ओर सड़कें ध्वस्त होने से आवागमन मुश्किल हो गया है।
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