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सरायजगदीश हाल्ट का 14 घंटे बंद रहा रेलवे फाटक
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पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-रामबाग रेल रुट पर सरायजगदीश हाल्ट से ज्ञानपुर रोड तक तकरीबन सात किमी तक दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। इसके लिए शनिवार को सुबह 10 बजे से रात 12 बजे तक मेगा ब्लाक लिया गया था। इसके चलते जगदीशसराय के फाटक संख्या 43ए 14 घंटे बंद रहा। इससे तकरीबन 60 गांवों के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ी।
जगदीशसराय के फाटक संख्या 43ए को बंद कर वहां गिट्टी डालने और स्लीपर बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। गेट बंद होने से लोगों को वापस दरवांसी, रामकिशुनपुर-बसहीं, पकलोल गेट से अनायाश दो से तीन कि मी का चक्कर काटना पड़ा। गोपीगंज से धनतुलसी जा रही कविता देवी, जंगीगंज बाजार आई मनीषा, इटहरा की नन्हकी देवी ने कहा कि काम काफी धीरे चल रहा है। इससे अभी और परेशानी उठानी पड़ेगी। सीतामढ़ी दर्शन-पूजन को जाने वाली सुष्मिता, पूजा, किरन और दवा लेने जंगीगंज आ रहे सुरेश कुमार, राजीव सिंह, सुनील आदि ने कहा कि ओवरब्रिज बनाकर समस्या का हल निकाला जाए। स्थानीय स्तर पर रेलवे को गेट बंद होने का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
फाटक बंद होने से जंगीगंज, गोपीगंज, ज्ञानपुर, औराई, माधोसिंह, बाबूसराय, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, अभोली, बरसठी आदि क्षेत्रों से लगभग 60 गांवों के लोगों का आवागमन होता है। लोगों का आरोप है कि बिना सूचना के गेट बंद कर दिया गया। इससेे शनिवार को पैदल, साइकिल, बाइक, चार पहिया और व्यवसायिक वाहनों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि मेगा ब्लाक के लिए एक सप्ताह पहले संबंधित जिलों के डीएम, एसपी, मंडलायुक्त, आईजी रेंज को मेमो भेजा जाता है। जो लोकल स्तर पर सुरक्षा की निगरानी कराते हैं। इश्तहार के लिए रेल विकास निगम जिम्मेदार है।
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जगदीशसराय के फाटक संख्या 43ए को बंद कर वहां गिट्टी डालने और स्लीपर बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। गेट बंद होने से लोगों को वापस दरवांसी, रामकिशुनपुर-बसहीं, पकलोल गेट से अनायाश दो से तीन कि मी का चक्कर काटना पड़ा। गोपीगंज से धनतुलसी जा रही कविता देवी, जंगीगंज बाजार आई मनीषा, इटहरा की नन्हकी देवी ने कहा कि काम काफी धीरे चल रहा है। इससे अभी और परेशानी उठानी पड़ेगी। सीतामढ़ी दर्शन-पूजन को जाने वाली सुष्मिता, पूजा, किरन और दवा लेने जंगीगंज आ रहे सुरेश कुमार, राजीव सिंह, सुनील आदि ने कहा कि ओवरब्रिज बनाकर समस्या का हल निकाला जाए। स्थानीय स्तर पर रेलवे को गेट बंद होने का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
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फाटक बंद होने से जंगीगंज, गोपीगंज, ज्ञानपुर, औराई, माधोसिंह, बाबूसराय, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, अभोली, बरसठी आदि क्षेत्रों से लगभग 60 गांवों के लोगों का आवागमन होता है। लोगों का आरोप है कि बिना सूचना के गेट बंद कर दिया गया। इससेे शनिवार को पैदल, साइकिल, बाइक, चार पहिया और व्यवसायिक वाहनों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि मेगा ब्लाक के लिए एक सप्ताह पहले संबंधित जिलों के डीएम, एसपी, मंडलायुक्त, आईजी रेंज को मेमो भेजा जाता है। जो लोकल स्तर पर सुरक्षा की निगरानी कराते हैं। इश्तहार के लिए रेल विकास निगम जिम्मेदार है।
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