{"_id":"5ed8cde18ebc3e90440d68a6","slug":"pramaspa-submitted-memorandum-to-dm-bhadohi-news-vns528224710","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शन कर प्रमासपा ने डीएम को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शन कर प्रमासपा ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। गरीब मजदूर दिवस के अवसर पर प्रगतिशील मानव समाज पार्टी ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय प्रदर्शन कर सरकार की कार्यप्रणाली का विरोध किया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। पार्टी जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बिंद ने कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने चार चरणों में लॉकडाउन लगाकर 80 फीसद गरीब, मजदूर, असहाय परिवारों की रीढ़ तोड़कर रख दिया, लेकिन सहायता केण नाम पर कोई ऐसा ठोस कदम नहीं उठाया गया कि डांवाडोल हो चुकी स्थिति को संभाला जा सके।
लॉकडाउन के कारण नगरों-महानगरों में कामकाज ठप होते ही बचाकर रखे गए पैसे भी पेट की आग बुझाने के नाम पर हजम हो गया। जब फूटी कौड़ी नहीं बची तब मजदूर परिवार पैदल ही अपने-अपने घरों को रवाना हो गए और कुछ लोगों ने तो चलते-चलते ही दम तोड़ दिया या फिर हादसों के शिकार हो गए। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण से दम तोड़ चुके परिवारों को चिह्नित कर आर्थिक सहायता दिए जाने, गरीब-मजदूर परिवारों के साथ छोटे कारोबार से जुटे लोगों को 10 हजार दिए जाएं, मजदूरों को कम ब्याज पर एक लाख से 50 हजार रुपये अविलंब उपलब्ध कराया जाए, संगठित-असंगठित मजदूरों की मजदूरी 600 रुपये निर्धारित हो, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड में कल-कारखाने लगाकर बेरोजगारों को रोजगार दिलाने पर पार्टी संघर्ष को बाध्य होगी। इस मौके पर शिवशंकर, शिवनाथ बिंद समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
विज्ञापन
लॉकडाउन के कारण नगरों-महानगरों में कामकाज ठप होते ही बचाकर रखे गए पैसे भी पेट की आग बुझाने के नाम पर हजम हो गया। जब फूटी कौड़ी नहीं बची तब मजदूर परिवार पैदल ही अपने-अपने घरों को रवाना हो गए और कुछ लोगों ने तो चलते-चलते ही दम तोड़ दिया या फिर हादसों के शिकार हो गए। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण से दम तोड़ चुके परिवारों को चिह्नित कर आर्थिक सहायता दिए जाने, गरीब-मजदूर परिवारों के साथ छोटे कारोबार से जुटे लोगों को 10 हजार दिए जाएं, मजदूरों को कम ब्याज पर एक लाख से 50 हजार रुपये अविलंब उपलब्ध कराया जाए, संगठित-असंगठित मजदूरों की मजदूरी 600 रुपये निर्धारित हो, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड में कल-कारखाने लगाकर बेरोजगारों को रोजगार दिलाने पर पार्टी संघर्ष को बाध्य होगी। इस मौके पर शिवशंकर, शिवनाथ बिंद समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
विज्ञापन