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प्राधिकर पत्र से स्कूली बच्चों को मिलेगा राशन
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ज्ञानपुर। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले एक लाख 56 हजार बच्चों को प्राधिकार पत्र दिया जाएगा। उक्त पत्र के आधार पर ही कोटेदार बच्चों को एमडीएम का राशन मुहैया कराएगा। बेसिक शिक्षा विभाग प्रधानाध्यापकों के माध्यम से प्राधिकार पत्र वितरण की तैयारी में जुट गया है।
कोरोना वायरस के कारण मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन हो गया। एक जून से भले ही अनलॉक एक प्रभावी हो चुका है, लेकिन 31 जुलाई तक स्कूल बंद रहेंगे।
शासन ने बच्चों को एमडीएम और कन्वर्जन कास्ट मुहैया कराने की मुहिम शुरू की। अप्रैल से जून तीन तक के लिए यह व्यवस्था लागू करते हुए शासन ने पहली किश्त के रूप में 94.85 लाख रुपये की पहली किश्त की धनराशि को अवमुक्त भी कर दी। प्राथमिक विद्यालय में एक लाख 16 हजार जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 50 हजार 500 बच्चों के अभिभावक के खाते में कन्वर्जन कॉस्ट की रकम जारी हो गई,लेकिन अभी एमडीएम का राशन नहीं मिल सका। एमडीएम प्राधिकरण की ओर से बच्चों को प्राधिकार पत्र देने का निर्णय लिया गया। इसमें एक पत्र कोटेदार, एक हेडमास्टर और एक बच्चे के पास रहेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि करीब 76 दिनों के हिसाब से प्राथमिक विद्यालय में कन्वर्जन कॉस्ट तीन रुपये 74 पैसे जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पांच रुपये 61 पैसे शामिल हैं।
बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजा जा चुका है। प्राधिकार पत्र के माध्यम से कोटे की दुकानों से प्राथमिक के बच्चों के घर 7.6 किलो और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 11.4 किलो राशन मिलेगा। प्राधिकार पत्र में स्कूल, बच्चे का नाम, पंजीयन संख्या, कक्षा और राशन की मात्रा अंकित होगी।. सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए एक वक्त में 2-3 अभिभावकों को स्कूल बुलाकर इसे वितरित किया जाएगा।
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कोरोना वायरस के कारण मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन हो गया। एक जून से भले ही अनलॉक एक प्रभावी हो चुका है, लेकिन 31 जुलाई तक स्कूल बंद रहेंगे।
शासन ने बच्चों को एमडीएम और कन्वर्जन कास्ट मुहैया कराने की मुहिम शुरू की। अप्रैल से जून तीन तक के लिए यह व्यवस्था लागू करते हुए शासन ने पहली किश्त के रूप में 94.85 लाख रुपये की पहली किश्त की धनराशि को अवमुक्त भी कर दी। प्राथमिक विद्यालय में एक लाख 16 हजार जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 50 हजार 500 बच्चों के अभिभावक के खाते में कन्वर्जन कॉस्ट की रकम जारी हो गई,लेकिन अभी एमडीएम का राशन नहीं मिल सका। एमडीएम प्राधिकरण की ओर से बच्चों को प्राधिकार पत्र देने का निर्णय लिया गया। इसमें एक पत्र कोटेदार, एक हेडमास्टर और एक बच्चे के पास रहेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि करीब 76 दिनों के हिसाब से प्राथमिक विद्यालय में कन्वर्जन कॉस्ट तीन रुपये 74 पैसे जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पांच रुपये 61 पैसे शामिल हैं।
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बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजा जा चुका है। प्राधिकार पत्र के माध्यम से कोटे की दुकानों से प्राथमिक के बच्चों के घर 7.6 किलो और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 11.4 किलो राशन मिलेगा। प्राधिकार पत्र में स्कूल, बच्चे का नाम, पंजीयन संख्या, कक्षा और राशन की मात्रा अंकित होगी।. सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए एक वक्त में 2-3 अभिभावकों को स्कूल बुलाकर इसे वितरित किया जाएगा।
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