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Bhadohi News: ऑपरेशन के बीच नहीं गुल होगी बिजली, एमसीएच-एमबीएस में लगेंगे स्वतंत्र फीडर
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जिला अस्पताल में स्थापित स्वतंत्र फीडर। संवाद
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही में प्रसूताओं के ऑपरेशन के दौरान अब डॉक्टरों के हाथ बिजली कट जाने से नहीं रुकेंगे। अब न ही बिजली कटेगी और न ही जनरेटर के चालू होने का इंतजार करना होगा। दोनों अस्पतालों में अब 24 घंटे निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति होगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में एक-एक स्वतंत्र फीडर स्थापित किए जा चुके हैं।
करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने के अंत तक स्वतंत्र फीडर संचालित होने लगेंगे। दोनों अस्पतालों में करीब 10 करोड़ रुपये से स्वतंत्र फीडर स्थापित किए गए हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय जिले के बड़े अस्पताल हैं। दोनों अस्पतालों में रोजाना 1800 से 2000 की ओपीडी होती है। इमरजेंसी भी 250 से 300 की ओपीडी होती है। अस्पताल में रोजाना 5000 से 5500 मरीज व तीमारदारों का आवागमन होता है। कई बार लैब जांच रिपोर्ट प्रभावित होता था तो कई बार ऑपरेशन के दौरान बिजली कटौती से ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के हाथ रुक जाते थे। बिजली निगम की ओर से 90 फीसदी तक काम पूरा कर लिया गया है। फीडर लगने से ऑपरेशन थियेटर, प्रसव कक्ष, एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी की मशीनें निर्बाध रूप से चल सकेंगी। बिजली गुल होते ही मशीन का संचालन बंद हो जाता है।
इन दोनों अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। देखा जाए तो हर महीने दोनों अस्पतालों में 60 से 70 प्रसव कराए जाते हैं। इनमें अधिकतर प्रसव ऑपरेशन से हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ करीब 100 से 125 एक्स-रे और हर दिन 40 से 50 अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। कई बार अचानक बिजली कटने से अस्पतालों में इस तरह की इमरजेंसी सेवाएं बाधित होती हैं। अब स्वतंत्र फीडर स्थापित होने से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। सीएमओ डॉ. एसके चक का कहना है कि जिला अस्पताल, भदोही एमबीएस में स्वतंत्र फीडर स्थापित किए जा चुके हैं। फीडर से बिजली सप्लाई अंतिम दौर में है। जिलाधिकारी के निर्देश पर महीने के अंत तक शुरू करने की उम्मीद है।
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करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने के अंत तक स्वतंत्र फीडर संचालित होने लगेंगे। दोनों अस्पतालों में करीब 10 करोड़ रुपये से स्वतंत्र फीडर स्थापित किए गए हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय जिले के बड़े अस्पताल हैं। दोनों अस्पतालों में रोजाना 1800 से 2000 की ओपीडी होती है। इमरजेंसी भी 250 से 300 की ओपीडी होती है। अस्पताल में रोजाना 5000 से 5500 मरीज व तीमारदारों का आवागमन होता है। कई बार लैब जांच रिपोर्ट प्रभावित होता था तो कई बार ऑपरेशन के दौरान बिजली कटौती से ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के हाथ रुक जाते थे। बिजली निगम की ओर से 90 फीसदी तक काम पूरा कर लिया गया है। फीडर लगने से ऑपरेशन थियेटर, प्रसव कक्ष, एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी की मशीनें निर्बाध रूप से चल सकेंगी। बिजली गुल होते ही मशीन का संचालन बंद हो जाता है।
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इन दोनों अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। देखा जाए तो हर महीने दोनों अस्पतालों में 60 से 70 प्रसव कराए जाते हैं। इनमें अधिकतर प्रसव ऑपरेशन से हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ करीब 100 से 125 एक्स-रे और हर दिन 40 से 50 अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। कई बार अचानक बिजली कटने से अस्पतालों में इस तरह की इमरजेंसी सेवाएं बाधित होती हैं। अब स्वतंत्र फीडर स्थापित होने से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। सीएमओ डॉ. एसके चक का कहना है कि जिला अस्पताल, भदोही एमबीएस में स्वतंत्र फीडर स्थापित किए जा चुके हैं। फीडर से बिजली सप्लाई अंतिम दौर में है। जिलाधिकारी के निर्देश पर महीने के अंत तक शुरू करने की उम्मीद है।
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