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पुलिस की रैंक अव्वल, प्रशासन की भी सुधरी
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ज्ञानपुर। जनसुनवाई के मामले में पुलिस अधीक्षक ने सूबे में जिले की साख बढ़ा दी तो प्रशासन ने भी अपनी रैंक सुधारा है। सितंबर में 62वीं रैंक पर रहा जनपद इस बार 46वीं रैंक पर आ गया।
आम जनता की सहूलियत के लिए प्रतिदिन जनसुनवाई में सुबह नौ से 11 बजे तक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठ कर जनसमस्याएं सुनते हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान पुलिस की रैंकिंग ठीक नहीं थी। हर महीने जनसुनवाई के मामलों का शासन स्तर पर मूल्यांकन किया जाता है। नवंबर के मूल्यांकन में जिले की रैंकिग तय की गई। इसमें पुलिस अधीक्षक को पहली तो प्रशासन को 46वीं रैंक मिली। सितंबर में प्रशासन को 62वीं तो पुलिस को 73 वीं रैंक मिली थी। अक्तूबर में तकनीकी खामी से रैंकिग जारी नहीं हो सकी। विंध्याचल मंडल के दो अन्य जिले मिर्जापुर और सोनभद्र के मुकाबले भदोही जिले की जनसुनवाई रैंकिंग बेहतर है, लेकिन इसके बाद भी यह रैंक उतनी अच्छी नहीं मानी जा रही है, जितनी होनी चाहिए।
समाधान दिवस हो या संपूर्ण समाधान दिवस, जनता दर्शन हो या आईजीआरएस से जुड़े मामले, मौके पर निस्तारित न होने वाले प्रकरणों को जब संबंधित अधिकारी को अग्रसारित किया जाता है तो उस अधिकारी की लापरवाही और जांच-पड़ताल को निपटाने में खेल करने वाले मातहतों के कारण समस्या का समुचित समाधान नहीं हो पाता। इससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो पाता और समस्या जस की तस रह जाती है। यहां आला अधिकारियों की चूक यही है कि वे सही मॉनीटरिंग और मातहतों की पेच कसने में ढिलाई कर जाते हैं। एसपी राम बदन सिंह ने कहा कि जनसुनवाई में प्रतिदिन नौ से 11 बजे तक जनसमस्याएं सुनी जाती हैं। ज्यादातर मामलों में हरसंभव प्रयास किया जाता है कि मौके पर ही समस्या का समाधान कर दिया जाए।
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छह महीने की जिले का रैंक
मई 2019 -- 29वीं रैंक
जून 2019 -- 23वीं रैंक
जुलाई 2019 -- 34वीं रैंक
अगस्त 2019- 75वीं रैंक
सितंबर- 2019- 62वीं रैंक
नवंबर 2019- 46वीं रैंक
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आम जनता की सहूलियत के लिए प्रतिदिन जनसुनवाई में सुबह नौ से 11 बजे तक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठ कर जनसमस्याएं सुनते हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान पुलिस की रैंकिंग ठीक नहीं थी। हर महीने जनसुनवाई के मामलों का शासन स्तर पर मूल्यांकन किया जाता है। नवंबर के मूल्यांकन में जिले की रैंकिग तय की गई। इसमें पुलिस अधीक्षक को पहली तो प्रशासन को 46वीं रैंक मिली। सितंबर में प्रशासन को 62वीं तो पुलिस को 73 वीं रैंक मिली थी। अक्तूबर में तकनीकी खामी से रैंकिग जारी नहीं हो सकी। विंध्याचल मंडल के दो अन्य जिले मिर्जापुर और सोनभद्र के मुकाबले भदोही जिले की जनसुनवाई रैंकिंग बेहतर है, लेकिन इसके बाद भी यह रैंक उतनी अच्छी नहीं मानी जा रही है, जितनी होनी चाहिए।
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समाधान दिवस हो या संपूर्ण समाधान दिवस, जनता दर्शन हो या आईजीआरएस से जुड़े मामले, मौके पर निस्तारित न होने वाले प्रकरणों को जब संबंधित अधिकारी को अग्रसारित किया जाता है तो उस अधिकारी की लापरवाही और जांच-पड़ताल को निपटाने में खेल करने वाले मातहतों के कारण समस्या का समुचित समाधान नहीं हो पाता। इससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो पाता और समस्या जस की तस रह जाती है। यहां आला अधिकारियों की चूक यही है कि वे सही मॉनीटरिंग और मातहतों की पेच कसने में ढिलाई कर जाते हैं। एसपी राम बदन सिंह ने कहा कि जनसुनवाई में प्रतिदिन नौ से 11 बजे तक जनसमस्याएं सुनी जाती हैं। ज्यादातर मामलों में हरसंभव प्रयास किया जाता है कि मौके पर ही समस्या का समाधान कर दिया जाए।
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छह महीने की जिले का रैंक
मई 2019 -- 29वीं रैंक
जून 2019 -- 23वीं रैंक
जुलाई 2019 -- 34वीं रैंक
अगस्त 2019- 75वीं रैंक
सितंबर- 2019- 62वीं रैंक
नवंबर 2019- 46वीं रैंक