पटरी बनी मुसीबत: गिरकर घायल हो रहे राहगीर, बोले- नहीं सुनी जा रही कंप्लेन; 20 हजार से अधिक लोगों का है रास्ता
सुरियावां नगर पंचायत के मुख्य बाजार में सड़क और पटरियों के बीच छह से नौ इंच का अंतर होने से आए दिन राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। वर्ष 2021 में 70 लाख रुपये से सड़क का लेपन हुआ था, लेकिन पटरी नहीं बनी। सभासदों ने 2500 मीटर पटरी और सड़क की मरम्मत की मांग की है।
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भदोही के सुरियावां नगर पंचायत के मुख्य बाजार की सड़क और दोनों पटरियां जर्जर होने से राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। सड़क निर्माण के बाद पटरी करीब छह से नौ इंच तक नीचे हो गई है। ऊंचाई के अंतर के कारण आए दिन बाइक, साइकिल सवार और पैदल राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क और पटरियों की मरम्मत की मांग की है।
नगर पंचायत के मुख्य बाजार की सड़क मलेपुर चौमुहानी से पुरानी बाजार त्रिमुहानी तक करीब 2.8 किलोमीटर लंबी है। वर्ष 2021 में इस सड़क पर करीब 70 लाख रुपये की लागत से लेपन कार्य कराया गया था। हालांकि, उस दौरान सड़क की दोनों पटरियों का निर्माण नहीं कराया गया। इसके कारण सड़क और पटरी के बीच छह से नौ इंच तक का अंतर हो गया। करीब 15 वर्ष पहले बनाई गई पटरी भी अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। चार वर्ष पहले कराया गया सड़क का लेपन भी कई स्थानों पर खराब हो गया है।
लोग हो रहे परेशान
बाजार में नारायण दास की दुकान से थाना तक करीब 150 मीटर और पुरानी बाजार में करीब 150 मीटर हिस्से में दो वर्ष पहले रबर मोल्ड इंटरलॉकिंग का काम कराया गया था। इसके बावजूद सड़क और पटरी के ऊंचे-नीचे होने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाजार में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में जर्जर सड़क और नीचे पड़ी पटरियां हादसे का कारण बन रही हैं।
सभासद रवि जायसवाल, जतन गुप्ता, मूलचंद गुप्ता, संतोष कुमार, अनिल कुमार और सुरेश कुमार ने बताया कि मुख्य बाजार का यह मार्ग बेहद व्यस्त है। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने करीब 2500 मीटर पटरियों और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने की मांग की।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि समस्या संज्ञान में आई है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सड़क के दोनों किनारों पर इंटरलॉकिंग कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद समस्या का समाधान कराया जाएगा।