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चीन के दुस्साहस पर बिफरे लोग, किया प्रदर्शन
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जिला पंचायत के पास चीन के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद हो जाने की घटना को लेकर बुधवार को कालीन नगरी उबल गई। नाराज लोगों ने प्रदर्शन कर घटना का मुंहतोड़ जवाब देने की हिमायत की। ज्ञानपुर नगर के मुख्य तिराहे के समीप नागरिकों ने प्रदर्शन कर कहा कि चीन की इस हरकत का जवाब उसे मिलना ही चाहिए।
अशोक कुमार दुबे कोको के नेतृत्व में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चीन के सैनिकों ने रात के अंधेरे में हमला कर बेहद नापाक हरकत की है। पीठ पीछे वार करना चीन की पुरानी आदत रही है। लेकिन, अब उसे समझ लेना चाहिए कि अब भारत 1962 वाला देश नहीं रहा। उसकी इस हरकत पर केंद्र सरकार को करारा जवाब देना चाहिए। हमारे 20 जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि चीन निर्मित सामान का उपयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। उसका पूरा बहिष्कार हो जाए तो अपने आप समझ में आ जाएगा। चीन सीमा पर इस तरह की हरकत करने के साथ ही अपने घटिया सामान हमारे देश में भेजकर अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अब देश को जागरूक होने का समय आ गया है। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से पप्पू दुबे, बूटी दुबे, अंबुज, अवनीश, आशीष, अजय, विकास आदि शामिल रहे।
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
ज्ञानपुर। चीन सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने की घटना की निंदा करते हुए अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत हो गए। बुधवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक में घटना की भर्त्सना करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्षता कर रहे डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इसके विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। संचालन डिबाए महासचिव शशि कुमार पांडेय ने की।
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अशोक कुमार दुबे कोको के नेतृत्व में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चीन के सैनिकों ने रात के अंधेरे में हमला कर बेहद नापाक हरकत की है। पीठ पीछे वार करना चीन की पुरानी आदत रही है। लेकिन, अब उसे समझ लेना चाहिए कि अब भारत 1962 वाला देश नहीं रहा। उसकी इस हरकत पर केंद्र सरकार को करारा जवाब देना चाहिए। हमारे 20 जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि चीन निर्मित सामान का उपयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। उसका पूरा बहिष्कार हो जाए तो अपने आप समझ में आ जाएगा। चीन सीमा पर इस तरह की हरकत करने के साथ ही अपने घटिया सामान हमारे देश में भेजकर अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अब देश को जागरूक होने का समय आ गया है। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से पप्पू दुबे, बूटी दुबे, अंबुज, अवनीश, आशीष, अजय, विकास आदि शामिल रहे।
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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
ज्ञानपुर। चीन सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने की घटना की निंदा करते हुए अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत हो गए। बुधवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक में घटना की भर्त्सना करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्षता कर रहे डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इसके विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। संचालन डिबाए महासचिव शशि कुमार पांडेय ने की।
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