जिले की सीएचसी से रेफर हो रहे मरीजों को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी के मरीजों को अब चिह्नित अस्पताल में ही रेफर किया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ, औराई और गोपीगंज के मरीज को जिला अस्पताल और सुरियावां, भदोही और भानीपुर के मरीजों को भदोही एमबीएस में रेफर किया जाएगा। रोजाना सीएचसी पर 80 से 100 मरीजों की इमरजेंसी होती है। इसमें से 30 से 35 मरीज रेफर किए जाते हैं। जिले में छह सीएचसी है, इमसें भानीपुर, भदोही, सुरियावां, औराई, डीघ, गोपीगंज है। यहां रोजाना 2200 से 2500 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 80 से 100 की इमरजेंसी होती है। इसमें से सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को रेफर किया जाता है। ज्यादातर मरीजों को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता था। महाराजा बलवत सिंह राजकीय चिकित्सालय में केवल भदोही सीएचसी के ही मरीज रेफर होते है। जिला अस्पताल की अपेक्षा भदोही एमबीएस में 10 डॉक्टर अधिक है। यहां कुल 22 डॉक्टरों की तैनाती है। सीएमओ डॉक्टर एसके चक ने एक नई पहल की शुरूआत की है। इसके तहत सुरियावां, भानीपुर, भदोही सीएचसी के मरीज भदोही एमबीएस में रेफर किए जाएंगे। इसके अलावा औराई, गोपीगंज, डीघ सीएचसी के मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाएंगे। रेफर पर्ची पर साफ अक्षरों में अस्पताल का नाम लिखा जाएगा। जिस पर्ची पर अस्पताल का नाम नहीं होगा, वहां के अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। किसी भी सीएचसी के मरीज किसी दूसरे अस्पताल में मरीज लेकर नहीं जाएंगे। इसके अलावा भदोही एमबीएस के मरीज जिला अस्पताल नहीं आएंगा। जिला अस्पताल, एमबीएस से मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाएंगे।