{"_id":"5e7633af8ebc3e6fbc282383","slug":"passengers-returned-four-lakh-bhadohi-news-vns517055681","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्रियों ने लौटाया चार लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्रियों ने लौटाया चार लाख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लालानगर। पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड स्टेशन से छह दिनों में यात्रियों ने लगभग चार लाख 80 हजार के आरक्षित टिकट लौटाकर यात्रा से किनारा कर लिया। वहीं शनिवार को स्टेशनों पर पूरी तरह से सन्नाटा रहने के कारण सुरक्षा और संरक्षा को लेकर जिम्मेदार पूरी सतर्कता बरतते रहे।
बताते हैं कि एक सप्ताह कोरोना वायरस का मामला तूल पकड़ते ही मुंबई, दिल्ली, सिकंदराबाद, अहमदाबाद, सूरत और पुणे की आने-जाने वाली ट्रेनों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि चार दिनों से कछवां-माधोसिंह के बीच दोहरीकरण कार्य में लिया गया पॉवर ब्लॉक भी टिकटों को लौटने में कम प्रभाव नहीं छोड़ा है, क्योंकि मंडुआडीह-प्रयागराज रामबाग रेल खंड से होकर आवागमन कर रहीं अधिकतर ट्रेनें या तो निरस्त हो चुकी हैं या फिर रूट डायवर्जन, शार्ट टर्मिनेशन, ओरिजेनेट हो चुकी हैं। बता दें कि होली पर्व पर घर आने वाला हर परदेशी आते समय और आने के एक-दो दिन पूर्व से ही परदेश जाने के लिए टिकटों की बुकिंग करा ली थी। इधर बीच कोरोने का मामला और गंभीर होने जाने से लोगों ने टिकट लौटने में ही भलाई समझी। प्रभारी स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने निर्देश जारी कर 16 मार्च से टिकट वापसी को कहा गया है जो प्रतिदिन 80 हजार रुपये तक के बुकिंग कर्मचारियों ने टिकट वापसी की।
विज्ञापन
बताते हैं कि एक सप्ताह कोरोना वायरस का मामला तूल पकड़ते ही मुंबई, दिल्ली, सिकंदराबाद, अहमदाबाद, सूरत और पुणे की आने-जाने वाली ट्रेनों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि चार दिनों से कछवां-माधोसिंह के बीच दोहरीकरण कार्य में लिया गया पॉवर ब्लॉक भी टिकटों को लौटने में कम प्रभाव नहीं छोड़ा है, क्योंकि मंडुआडीह-प्रयागराज रामबाग रेल खंड से होकर आवागमन कर रहीं अधिकतर ट्रेनें या तो निरस्त हो चुकी हैं या फिर रूट डायवर्जन, शार्ट टर्मिनेशन, ओरिजेनेट हो चुकी हैं। बता दें कि होली पर्व पर घर आने वाला हर परदेशी आते समय और आने के एक-दो दिन पूर्व से ही परदेश जाने के लिए टिकटों की बुकिंग करा ली थी। इधर बीच कोरोने का मामला और गंभीर होने जाने से लोगों ने टिकट लौटने में ही भलाई समझी। प्रभारी स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने निर्देश जारी कर 16 मार्च से टिकट वापसी को कहा गया है जो प्रतिदिन 80 हजार रुपये तक के बुकिंग कर्मचारियों ने टिकट वापसी की।
विज्ञापन