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आंशिक सूर्यग्रहण आज, सुबह से ही लग जाएगा सूतक
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ज्ञानपुर। दिवाली के अगले दिन सूर्य ग्रहण लगेगा। पंचांग के अनुसार यह इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। सूर्य ग्रहण का असर मनुष्य, पशु- पक्षी के साथ-साथ ग्रहों पर भी पड़ता है। इसके अलावा इस दौरान पूजा-पाठ सहित अन्य धार्मिक कार्य वर्जित रहते हैं। यह सूर्य ग्रहण देश के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा। गोपीगंज बड़े शिवमंदिर के पुजारी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि सूतक सूर्यग्रहण से 12 घंटे पहले लगता है। भारत में सूर्य ग्रहण का आरंभ शाम 04:42 से शुरू होगा, जो 5.22 बजे तक चलेगा। ऐसे में सूतक का काल मंगलवार सुबह 4.22 मिनट से आरंभ हो जाएगा, जो ग्रहण काल तक चलेगा।
उन्होंने बताया कि सूतक के दौरान कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। जिसमें शयन और पूजा-पाठ तो वर्जित रहता ही है। इसके अलावा भोजन और जल ग्रहण करना भी निषेध है। उन्होंने बताया कि कार्तिक पक्ष कृष्ण अमावस्या तिथि को लग रहे सूर्य ग्रहण काशी-प्रयाग सहित अन्य तीर्थ स्थलों में दो-चार मिनट आगे पीछे है। उन्होंने बताया कि यह सूर्य ग्रहण स्वाति नक्षत्र में तुला राशि पर लग रहा है। ऐसे में तुला राशि के जातकों पर इसका प्रभाव देखा जा सकता है। जिसमें उन्हें पेट संबंधी या शरीर में किसी प्रकार परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण के उपरांत विधिवत स्नान कर मंदिरों में पूजा-पाठ करने से सुख-शांति और समृद्धि मिलती है। वहीं डुहियां भावसिंहपुर के आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि ग्रहण काल में दूध, दही, घी सहित भोजन सामग्री कुश में रख देना चाहिए। गर्भवती महिलाएं पेट में गाय का गोबर लगा लें, जिससे उनके गर्भ पर ग्रहण का असर नहीं पड़ेगा।
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उन्होंने बताया कि सूतक के दौरान कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। जिसमें शयन और पूजा-पाठ तो वर्जित रहता ही है। इसके अलावा भोजन और जल ग्रहण करना भी निषेध है। उन्होंने बताया कि कार्तिक पक्ष कृष्ण अमावस्या तिथि को लग रहे सूर्य ग्रहण काशी-प्रयाग सहित अन्य तीर्थ स्थलों में दो-चार मिनट आगे पीछे है। उन्होंने बताया कि यह सूर्य ग्रहण स्वाति नक्षत्र में तुला राशि पर लग रहा है। ऐसे में तुला राशि के जातकों पर इसका प्रभाव देखा जा सकता है। जिसमें उन्हें पेट संबंधी या शरीर में किसी प्रकार परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण के उपरांत विधिवत स्नान कर मंदिरों में पूजा-पाठ करने से सुख-शांति और समृद्धि मिलती है। वहीं डुहियां भावसिंहपुर के आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि ग्रहण काल में दूध, दही, घी सहित भोजन सामग्री कुश में रख देना चाहिए। गर्भवती महिलाएं पेट में गाय का गोबर लगा लें, जिससे उनके गर्भ पर ग्रहण का असर नहीं पड़ेगा।
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