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माता-पिता की सेवा से मिलती है पहचान : केशरवानी

Thu, 01 Oct 2020 05:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 05:30 PM IST
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Parents' service gets recognition: Kesharwani
अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर गोपीगंज के वृद्ध आश्रम में एक वृद्ध को सम्मानित करते मानव कल्याण से? - फोटो : BHADOHI
लालानगर। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर बृहस्पतिवार को गोपीगंज नगर के खड़हट्टी मोहाल में संचालित वृद्धजन आश्रम में समारोह आयोजित कर मानव कल्याण सेवा समिति-प्रयागराज की ओर से 98 निराश्रितों को वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि मोदी अगेन पीएम काशी प्रांत के अध्यक्ष बिहारीलाल केशरवानी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रणवानंद मुनि, सभासद अर्चना जायसवाल ने कहा कि माता-पिता की सेवा करने से समाज में अलग पहचान मिलती है और उपेक्षा करने वालों को वही समाज कुदृष्टि से देखकर अपमानित भी करता है। अभी कुछ नहीं बिगड़ा है सुबह की नाराजगी शाम तक भुलाना ही सबसे बड़ी समझदारी होती है।
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आज के दौर में मानव जीवन मोक्ष को प्राप्त करने के लिए कभी इस देवालय तो कभी उस शिवालय में दस्तक दिया जाता है लेकिन घरों में साक्षात ईश्वर का रुप लेने वाले माता-पिता की सुधि कोई नहीं ले पाता जो स्वयं परमेश्वर हैं। इतिहास गवाह है कि बड़े बुजुर्गों की उपेक्षा करने वाला कभी राजसुख नहीं भोग सका है और जिसने भी अपने घर के साथ-साथ राह भटकते बुजुर्ग की सेवा में कदम बढ़ाया वह परमसुख का हकदार बना। सभी पुत्रों को चाहिए कि वह माता-पिता की सेवा करे और न करने पर समाज कपूत की उपाधि देने में देर नहीं करेगा।
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अकसर देखा जा रहा है कि माता-पिता अपना सबकुछ गवांकर पुत्रों को उस काबिल बना देते हैं कि बुढ़ापे में सुख मिलेगा लेकिन सेवाभाव के मार्ग से भटक चुका पुत्र लाचार माता-पिता को आश्रमों की राह दिखा देता है जो उचित नहीं है। बढ़ती उम्र के साथ वही लाचारी को जब अपने पर देखा जाय तो होने वाली गलतियों का पश्चात होने लगता है। वक्ताओं ने आश्रम में और सुविधाओं को मुहैया कराने का संकल्प लेते ही वृद्धजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस मौके पर प्रबंधक विजय प्रताप सिंह, सुलह अधिकारी रामजी सिंह, उत्कर्ष मंगल, मुकेश अग्रवाल, प्रदीप गुप्ता, राजेश गुप्ता, हरिकांत सिंह, अजय यादव, राजन पंडा, शिवप्रसाद यादव, सुरेश सिंह आदि रहे। इसी तरह बड़वापुर में वर्चुअल क्लास के माध्यम से शिक्षक रामलाल सिंह यादव ने बच्चों को माता-पिता, वृद्धजनों की सेवा प्रभु श्रीराम की तरह कर आज्ञा का पालन करने और देखभाल की सीख दी।
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