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छात्र जीवन में पारसनाथ ने उखाड़ फेंकी थी रेल की पटरी

Mon, 15 Aug 2022 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Aug 2022 12:21 AM IST
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Parasnath had uprooted the railway track in student life
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पारसनाथ मौर्य की वीरता की गाथा हर युवा के लिए प्रेरणादायी है। छात्र जीवन से वह भारत की आजादी के आंदोलन का हिस्सा रहे। अगस्त क्रांति की चिंगारी जिले में पहुंची तो उन्होंने रेल की पटरी उखाड़ कर सनई के खेत में फेंक दिया था।
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पारसनाथ मौर्य का जन्म घनश्यामपुर में पांच फरवरी 1924 को हुआ था। प्राथमिक शिक्षा ककराही-गोपीगंज स्कूल से शुरू हुई। उन्होंने छात्र जीवन से स्वतंत्रता आंदोलनों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। जब वह कक्षा सात में थे तो घनश्यामपुर गांव के बगल से बिछाई गई रेल की पटरी उखाड़ फेंका। लवेट हाईस्कूल ज्ञानपुर में नौवी का छात्र रहते हुए अंग्रेजों भारत छोड़ों आंदोलन में शामिल होने के कारण प्रधानाध्यापक बीएल कौल ने उन्हें स्कूल से निकाल दिया। तत्कालीन कलेक्टर कैप्टन विजय प्रसाद सिंह की सख्ती से इन्होंने फरारी का जीवन बंशनारायण सिंह, सरजू प्रसाद साहू के साथ 16 अगस्त 1942 से 15 फरवरी 1943 तक काटा। 1946 में सोशलिस्ट पार्टी के बैनर तले आंदोलन करने, देशद्रोह के मामले में ज्ञानपुर से 23 जुलाई 1946 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साक्ष्य न मिलने के कारण 22 नवंबर 1946 को रिहा किए गए। स्वतंत्रता मिलने के बाद बनारस इस्टेट आंदोलन और बेदखली में कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए 10 सितंबर 1948 से 25 अक्तूबर 1948 तक, उसी आंदोलन में 15 जनवरी 1949, 28 फरवरी 1949 में ज्ञानपुर जेल में बतौर विचाराधीन कैदी रहे। 1949 के बाद जयप्रकाश नारायण के साथ डॉ. राममनोहर लोहिया को नेता मानकर किसान आंदोलन, नहर रेट आंदोलन, कालीन बुनकर आंदोलन, स्वदेशी भाषा आंदोलन, हड़ावर आंदोलन चलाकर बार-बार जेल गए। जुझारु होने के कारण डॉ. लोहिया पारसनाथ मौर्य को साथ लेकर चलते थे। 1957-62 सुरियावां-भदोही के सवर्ण सीट पर चुनाव लड़ा। 1967 में ज्ञानपुर सीट से चुनाव लड़कर हार गए। डॉ.लोहिया का निधन होने पर पारसनाथ मौर्य चौधरी चरण सिंह के साथ लोकदल-बनारस, 1980 से 87 तक मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में बनारस में जिलाध्यक्ष का नेतृत्व किया। 1990 में मुलायम सिंह की सरकार बनने पर सहकारिता विभाग का निदेशक, राज्य कार्यकारिणी सदस्य, दो बार विधान परिषद सदस्य, आजमगढ़ मंडल के प्रभारी रहे।
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