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Bhadohi News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा
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ज्ञानपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दुर्गेश कुमार की अदालत ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अप्रैल 2024 में हुई घटना में कोर्ट ने 28 महीने में नौ साक्षियों के बयान के बाद यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के मुताबिक गोपीगंज कोतवाली के एक गांव निवासी महिला ने तहरीर दी कि 12 अप्रैल 2024 को उसकी नाबालिग बेटी बिना बताए कहीं चली गई। काफी खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चल सका। दो मोबाइल फोन नंबरों पर वह बात करती थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। कुछ दिन बाद किशोरी हंडिया में बरामद हुई। घर आकर उसने बताया कि किशुनदेवपुर जगनंदनपट्टी निवासी अखिलेश यादव ने उसे सड़क पर बुलाया और जबरदस्ती बड़ापाव खिलाया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। जब उसकी नींद खुली तो एक कमरे में बंद मिली। उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष नाबालिग का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी अखिलेश के खिलाफ दुष्कर्म, पाॅक्सो एक्ट, एससी-एसटी, बालकों संग लैंगिग अपराध समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां सुनवाई के दौरान पीड़िता के पक्ष से नौ साक्षियों का बयान दर्ज किया गया। जिसमें विवेचनाधिकारी, पीड़िता की मां, पिता, मेडिकल करने वाली चिकित्सक समेत अन्य लोग शामिल रहे। सुनवाई के बाद न्यायाधीश दुर्गेश कुमार ने पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म में अखिलेश को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के मुताबिक गोपीगंज कोतवाली के एक गांव निवासी महिला ने तहरीर दी कि 12 अप्रैल 2024 को उसकी नाबालिग बेटी बिना बताए कहीं चली गई। काफी खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चल सका। दो मोबाइल फोन नंबरों पर वह बात करती थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। कुछ दिन बाद किशोरी हंडिया में बरामद हुई। घर आकर उसने बताया कि किशुनदेवपुर जगनंदनपट्टी निवासी अखिलेश यादव ने उसे सड़क पर बुलाया और जबरदस्ती बड़ापाव खिलाया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। जब उसकी नींद खुली तो एक कमरे में बंद मिली। उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष नाबालिग का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी अखिलेश के खिलाफ दुष्कर्म, पाॅक्सो एक्ट, एससी-एसटी, बालकों संग लैंगिग अपराध समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां सुनवाई के दौरान पीड़िता के पक्ष से नौ साक्षियों का बयान दर्ज किया गया। जिसमें विवेचनाधिकारी, पीड़िता की मां, पिता, मेडिकल करने वाली चिकित्सक समेत अन्य लोग शामिल रहे। सुनवाई के बाद न्यायाधीश दुर्गेश कुमार ने पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म में अखिलेश को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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