{"_id":"5db9d4a48ebc3e93a45fe9d0","slug":"pantoon-bridge-bhadohi-news-vns491763170","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांटून पुल निर्माण का न होने से बढ़ रही चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांटून पुल निर्माण का न होने से बढ़ रही चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपीगंज। क्षेत्र के रामपुर गंगा घाट पर बनने वाले पांटून पुल निर्माण की अब तक शुरुआत नहीं होने से प्रतिदिन गंगा आर-पार हो रहे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं स्टीमर संचालन के टेंडर की समय सीमा बुधवार को ही समाप्त हो गई। बृहस्पतिवार से निजी नाविकों के मनमानी किराया वसूलने की आशंका जताई जा रही है। उधर लोक निर्माण विभाग बाढ़ के कारण गंगा का पाट अधिक होने से निर्माण प्रक्रिया पर चुप्पी साधता दिख रहा है। उधर यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए माना जा रहा है कि अगर समय रहते पुल निर्माण शुरू न कराया गया तो परेशानी बढ़ जाएगी।
प्रतिवर्ष विजयदशमी से घाट पर पुल निर्माण शुरू करा दिया जाता है। लेकिन, इस वर्ष अब तक पीपा पुल नहीं बन पाया। पुल से भदोही जनपद समेत मिर्जापुर, सोनभद्र, मध्य प्रदेश, प्रयागराज, जौनपुर को जोड़ने के कारण प्रतिदिनि स्कूली छात्र-छात्राएं, व्यापारियों, मजदूरों और आसपास के गांवों को आने-जाने वालों का आवागमन होता है। गंगा दशहरा के मौके पर पांटून पुल को तोड़कर नि:शुल्क स्टीमर संचालन की सुविधा तो दी गई, लेकिन उसका भी समय 30 अक्तूबर तक ही निर्धारित किया गया, जिससे लोगों में इस बात की चिंता सताने लगी है कि यदि पुल का निर्माण आगामी दिनों तक नहीं हो सका तो निजी नाविक किराया के नाम पर यात्रियों की जेबें ढीली करते रहेंगे। घाट पर पीपा पुल की देखभाल कर रहे मेठ रामदुलार ने बताया कि पिछले वर्ष पुल बनाने में कुल 98 पीपा लगे थे। इस बार गंगा का पाट अधिक होने के कारण पीपों की संख्या में काफी इजाफा होने की संभावना है। जब तक लोक निर्माण विभाग अतिरिक्त पीपों की व्यवस्था नहीं करा देता, तब तक पुल निर्माण को लेकर असमंजस बना रहेगा। बताया कि मामले से विभाग को अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन
प्रतिवर्ष विजयदशमी से घाट पर पुल निर्माण शुरू करा दिया जाता है। लेकिन, इस वर्ष अब तक पीपा पुल नहीं बन पाया। पुल से भदोही जनपद समेत मिर्जापुर, सोनभद्र, मध्य प्रदेश, प्रयागराज, जौनपुर को जोड़ने के कारण प्रतिदिनि स्कूली छात्र-छात्राएं, व्यापारियों, मजदूरों और आसपास के गांवों को आने-जाने वालों का आवागमन होता है। गंगा दशहरा के मौके पर पांटून पुल को तोड़कर नि:शुल्क स्टीमर संचालन की सुविधा तो दी गई, लेकिन उसका भी समय 30 अक्तूबर तक ही निर्धारित किया गया, जिससे लोगों में इस बात की चिंता सताने लगी है कि यदि पुल का निर्माण आगामी दिनों तक नहीं हो सका तो निजी नाविक किराया के नाम पर यात्रियों की जेबें ढीली करते रहेंगे। घाट पर पीपा पुल की देखभाल कर रहे मेठ रामदुलार ने बताया कि पिछले वर्ष पुल बनाने में कुल 98 पीपा लगे थे। इस बार गंगा का पाट अधिक होने के कारण पीपों की संख्या में काफी इजाफा होने की संभावना है। जब तक लोक निर्माण विभाग अतिरिक्त पीपों की व्यवस्था नहीं करा देता, तब तक पुल निर्माण को लेकर असमंजस बना रहेगा। बताया कि मामले से विभाग को अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन