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धान खरीद लक्ष्य से पार, अब भुगतान पर रार
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ज्ञानपुर। जिले में धान की खरीद लक्ष्य को पार कर चुका है। 90 हजार के स्थान पर अब तक 93 हजार एमटी धान की खरीद हो चुकी है, लेकिन चार हजार किसानों का करीब 160 करोड़ का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। भुगतान की स्थिति ठीक न होने पर एनसीसीएफ के आठ समेत 11 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया।
रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से धान और गेहूं की खरीद करती है। किसानों को उनके उपज का मूल्य मिले इसलिए जिले में 57 धान क्रय केंद्र खोले गए थे। जिसमें विपणन, पीसीएफ समेत विभिन्न संस्थाओं के केंद्र शामिल रहे। शासन से मिले 90 हजार एमटी धान की खरीद के लिए एक नवंबर से खरीद शुरू हुई, हालांकि शुरूआती दिनों में धान की कटाई न होने से खरीद धीमी रही, लेकिन दिसंबर में खरीद ने रफ्तार पकड़ी। नौ जनवरी तक क्रय केंद्रों पर 93 हजार एमटी धान की खरीद पूर्ण हो गई।, जो लक्ष्य से 103 फीसदी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो पंजीकृत 16 हजार किसानों से 93 हजार एमटी धान की खरीद हुई। जिसमें 12 हजार किसानों का भुगतान हो चुका है जबकि चार हजार किसानों के खाते में अभी तक धनराशि नहीं पहुंची। इसको लेकर किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का भुगतान सही समय से न करने पर एनसीसीएफ के आठ और एग्रो के तीन क्रय केंद्रों को बंद किया गया।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि 15 फरवरी तक धान की खरीद होनी है, लेकिन अब किसान कम संख्या में पंजीकरण करा रहे हैं। 400 किसानों का धान अभी और खरीदना है। 20 जनवरी के बाद खरीद कम हो जाएगी। 72 घंटे के अंदर किसानों का भुगतान किया जा रहा है। विभाग के खाते से पैसा कट जा रहा है, लेकिन लेकिन किसानों के खाते में एक सप्ताह से लेकर पखवारे भर बाद पहुंच रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
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रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से धान और गेहूं की खरीद करती है। किसानों को उनके उपज का मूल्य मिले इसलिए जिले में 57 धान क्रय केंद्र खोले गए थे। जिसमें विपणन, पीसीएफ समेत विभिन्न संस्थाओं के केंद्र शामिल रहे। शासन से मिले 90 हजार एमटी धान की खरीद के लिए एक नवंबर से खरीद शुरू हुई, हालांकि शुरूआती दिनों में धान की कटाई न होने से खरीद धीमी रही, लेकिन दिसंबर में खरीद ने रफ्तार पकड़ी। नौ जनवरी तक क्रय केंद्रों पर 93 हजार एमटी धान की खरीद पूर्ण हो गई।, जो लक्ष्य से 103 फीसदी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो पंजीकृत 16 हजार किसानों से 93 हजार एमटी धान की खरीद हुई। जिसमें 12 हजार किसानों का भुगतान हो चुका है जबकि चार हजार किसानों के खाते में अभी तक धनराशि नहीं पहुंची। इसको लेकर किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का भुगतान सही समय से न करने पर एनसीसीएफ के आठ और एग्रो के तीन क्रय केंद्रों को बंद किया गया।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि 15 फरवरी तक धान की खरीद होनी है, लेकिन अब किसान कम संख्या में पंजीकरण करा रहे हैं। 400 किसानों का धान अभी और खरीदना है। 20 जनवरी के बाद खरीद कम हो जाएगी। 72 घंटे के अंदर किसानों का भुगतान किया जा रहा है। विभाग के खाते से पैसा कट जा रहा है, लेकिन लेकिन किसानों के खाते में एक सप्ताह से लेकर पखवारे भर बाद पहुंच रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
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