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बारिश होने से भीगी धान की फसल, बढ़ी गलन

Wed, 29 Dec 2021 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 12:12 AM IST
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Paddy crop soaked due to rain, increased melting
मौसम विभाग तो पहले से ही 28 दिसंबर को बूंदाबांदी की आशंका जता रहा था, लेकिन मंगलवार को सुबह घने कोहरे की चादर तनी देख लोगों को लगा कि बारिश नहीं होगी, केवल बादल ही आसमान में दिखेंगे, लेकिन दोपहर बाद जिले के विभिन्न इलाके में रिमझिम बारिश हुई। कई जगह बूंदाबांदी होने से क्रय केंद्रों पर रखा धान भीग गया। वहीं बारिश के बाद शहरी क्षेत्रों में कीचड़ हो गया। गलन बढ़ने से लोग परेशान दिखे।
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सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घना कोहरा छाया था। सुबह नौ बजे तक धूप निकली तो धीरे-धीरे कोहरा छंटने लगा। हालांकि थोड़ी ही देर के बाद बादलों के कारण धूप की लुकाछिपी शुरू हो गई। अपराह्न दो बजते-बजते बूंदाबांदी होने लगी। सवा दो बजे से ज्ञानपुर, सुरियावां, औराई, गोपीगंज आदि इलाके में करीब सवा घंटे तक बारिश हुई। कभी रुक - रुककर तो कभी रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहा। ज्ञानपुर शहर में जिला अस्पताल जाने वाले मार्ग पर नाला निर्माण को लेकर सड़क की खोदाई की गई है। वहां कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। इसी तरह गोपीगंज नगर की भी कई गलियों में कीचड़ से लोगों को परेशानी हुई। उधर, अब बारिश के बाद यूरिया की भी डिमांड बढ़ जाएगी। चौरी क्षेत्र की साधन सहकारी समिति पर अब तक 5200 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। यहां लक्ष्य 8000 क्विंटल का है। खरीदे गए धान गोदाम में रखे गए हैं, लेकिन कुछ धान बाहर ही रखा गया है। धान लाने वाले किसान सत्राजित दुबे ने बताया कि लठिया कंदुई से छह किलोमीटर से धान लेकर नौ बजे से केंद्र पर पहुंचे। बाहर बारिश से धान भीग रहा है। इसी तरह ऊंज क्षेत्र के धान क्रय केंद्र पर भी बाहर ही धान रखा रहा। यहां खरीदा गया कुछ धान और कुछ किसानों का धान बाहर रखा है, जिसे तिरपाल लगाकर ढंका गया। कई किसान धान को बचाने की जुगत में लगे रहे। रबी के सीजन में हुई यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार प्रजापति ने बताया कि बारिश से सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की खेती करने वाले किसानों को होगा। जिनकी फसलों को अभी पानी नहीं मिला था, उनकी पहली सिंचाई आसानी से हो जाएगी। इसके साथ ही दलहनी, तिलहनी फसलों के लिए भी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि किसान इतना ध्यान दें कि पानी कहीं फसलों में एकत्र न होने पाए। हालांकि बारिश हल्की थी, इसलिए पानी लगने की संभावना कम है।
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