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तीसरी बार फूंकी गई धान की फसल
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औराई थाना क्षेत्र के नरथुआ गांव में रविवार की रात तीसरी बार अराजक तत्वों ने दो किसानों के लगभग दो बीघे से अधिक खेत में रखी धान की फसल फूंक की। जानकारी होने पर किसानों के शोरगुल मचाते ही आग लगाने वाले अराजक तत्व भाग गए। पीड़ित किसान संतोष कुमार दुबे, लोलारखनाथ दुबे ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि खेत में फसल को काटकर सूखने के लिए छोड़ा गया था। फसल सूख भी गई थी जिसकी मड़ाई की तैयारी कर रहे थे। तब तक अराजक तत्वों ने फसल में आग लगाकर हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा दिया।
किसानों ने कहा कि यह क्रम लगभग एक माह से चल रहा है और नरथुआ गांव में यह तीसरी बार की घटना है। पड़ोसी गांव सेउर समेत अन्य गांवों में फसल और पशुओं के लिए रखे पुआल के ढेर जला देने से अब तक दर्जन भर से अधिक किसानों को नुकसान पहुंचा है। पूर्व में ही शिकायतों के बाद भी पुलिस के हाथ फसल जलाने वालों तक नहीं पहुंच रहे हैं। पेशे अधिवक्ता और किसान संतोष दूबे की तहरीर पर पुलिस ने रात में ही मौके का निरीक्षण कर लौट आई। किसानों ने कहा कि गश्त बढ़ाकर पुलिस ने फसल जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और कृषि विभाग ने क्षतिपूर्ति की मांग पूरी करने में शिथिलता की तो किसान आगे की रणनीति तैयार करने के लिए मजबूर होंगे। प्रभारी निरीक्षण सदानंद सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है लेकिन अभी तक फसल जलाने वालों की पहचान नहीं हो सकी है।
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किसानों ने कहा कि यह क्रम लगभग एक माह से चल रहा है और नरथुआ गांव में यह तीसरी बार की घटना है। पड़ोसी गांव सेउर समेत अन्य गांवों में फसल और पशुओं के लिए रखे पुआल के ढेर जला देने से अब तक दर्जन भर से अधिक किसानों को नुकसान पहुंचा है। पूर्व में ही शिकायतों के बाद भी पुलिस के हाथ फसल जलाने वालों तक नहीं पहुंच रहे हैं। पेशे अधिवक्ता और किसान संतोष दूबे की तहरीर पर पुलिस ने रात में ही मौके का निरीक्षण कर लौट आई। किसानों ने कहा कि गश्त बढ़ाकर पुलिस ने फसल जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और कृषि विभाग ने क्षतिपूर्ति की मांग पूरी करने में शिथिलता की तो किसान आगे की रणनीति तैयार करने के लिए मजबूर होंगे। प्रभारी निरीक्षण सदानंद सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है लेकिन अभी तक फसल जलाने वालों की पहचान नहीं हो सकी है।
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