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नमामि गंगे की तर्ज पर एक हजार एकड़ में होगी जैविक खेती

Wed, 16 Feb 2022 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 12:38 AM IST
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Organic farming will be done in 1000 acres on the lines of Namami Gange
नमामि गंगे योजना की तर्ज पर जिले में एक हजार एकड़ में जैविक खेती होगी। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत कृषि विभाग की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। जिले में 10 मार्च के बाद पांच ब्लॉकों में किसानों का चयन कर उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा।
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सरकार की तरफ से जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को रसायन खाद का विकल्प बताया जा रहा है। पहली बार जैविक खेती करने पर किसान को नुकसान होगा। इसकी भरपाई सरकार की तरफ से की जा रही है। खेतों में पोषक तत्व के लिए डाई यूरिया, पोटास जैसे पोषक तत्वों के विकल्प के लिए लिक्विड वाई फर्टिलाइजर किसान तैयार करता है। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा से सटे 46 गांवों में पूर्व से ही जैविक खेती की जा रही है। अब भदोही, ज्ञानपुर, अभोली, सुरियावां और डीघ ब्लॉक के अन्य क्षेत्रों के किसान भी जैविक खेती कर सकेंगे। परंपरागत कृषि विकास योजना में चयनित किसानों को बीज, उपकरण और रसायन पर अनुदान दिया जाएगा। हर ब्लॉक में 200-200 एकड़ में खेती के साथ शुरूआत होगी। अप्रैल-मई में मूंग, उर्द की खेती की जानी है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि औराई को छोड़कर अन्य ब्लॉकों में योजना को मंजूरी मिल गई है। एक हजार एकड़ में जैविक खेती कराई जानी है। चुनाव बाद किसानों का चयन होगा। उन्होंने बताया कि उपकरण, हरी खाद और बीज की खरीद पर किसानों को अनुदान मिलेगा। जब फसलों में कीट लग जाते हैं तो उसकी वजह से बहुत नुकसान होता है। इसकी रोकथाम के लिए जैविक खेती में कीटनाशक का विकल्प भी तैयार किया गया है। इसके लिए नीम, धतूरा, अमरूद की पत्ती आदि मिलाकर उसका अर्क तैयार होता है। कीट लगने पर फसलों पर उनका छिड़काव किया जाता है। उससे कीटों से फसल का बचाव किया जा सकता है। योजना से किसानों को जैविक खेती करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही फसल जहरीले कीटनाशक से मुक्त होगी। इससे शुद्ध फसल पैदा होगी और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। किसानों की आय भी बढ़ेगी। व्यापारी वर्ग को भी एक अच्छा बाजार मिलेगा और किसान प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ेंगे।
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