ज्ञानपुर। जिले के 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के ड्यूटी पर पहुंचने के समय में सुधार के लिए अब बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था शुरू होगी। जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी। इससे केंद्र पर तैनात चिकित्सक और कर्मचारी समय से अस्पताल पहुंचेंगे। मरीजों को उनका इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिले में अब तक महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही, सौ शय्या के साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सीएमओ कार्यालय में बायोमेट्रिक हाजिरी लगती है। मशीन लगने से चिकित्सकों की लेटलतीफी में तो कोई सुधार नहीं हुआ है लेकिन अक्सर मशीन बिगड़ने की शिकायत जरूर मिलती रहती है। हालांकि अब स्वास्थ्य विभाग जिले के 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं की जिम्मेदारी इन्हीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के ऊपर होती है लेकिन कई केंद्र जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पाते। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी से यहां कर्मचारियों व चिकित्सकों के अस्पताल पहुंचने और लौटने के समय में सुधार तो होगा ही वहीं इसका लाभ मरीजों को भी मिलेगा। जिले के 17 पीएचसी पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एलटी, वार्ड बॉय, सिस्टर सहित कुल 150 के करीब स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। पीएचसी पर स्वास्थ्यकर्मियों के आने-जाने का समय निर्धारित नहीं है। यहां बॉयोमेट्रिक मशीन लगाने के पीछे स्वास्थ्य महकमा का मंशा है कि जब ग्रामीण अंचलों की पीएचसी पर समय से स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित होंगे। मरीजों को सीधे इसका फायदा मिलेगा, जो कर्मचारी समय से ड्यूटी नहीं पहुंचें। उस दिन उनका उस दिन का वेतन या तो काट दिया जाएगा या फिर रोक दिया जाएगा। सभी सीएचसी, जिला अस्पताल, भदोही एमबीएस, 100 बेड सरपतहां पर बायोमेट्रिक मशीन लगी है। इसके बाद भी डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी देर से पहुंचते हैं। 100 शय्या अस्पताल में चिकित्सकों का थंब मशीन में फीड ही नहीं किया गया है। यहां केवल कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी लगती है। बाकी चिकित्सक अब भी रजिस्टर पर हाजिरी लगा रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है। यह विभागीय अधिकारी भी नहीं बता पा रहे। चिकित्सक अल्टरनेट ड्यूटी करते हैं। जिला अस्पताल व एमबीएस जैसे अस्पतालों में चिकित्सक साढ़े नौ से 10 बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचते हैं। 17 पीएचसी पर मशीन लगने के बाद यहां व्यवस्थाओं में कितना सुधार होगा, यह सोचने वाली बात है।