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Bhadohi News: केएनयू में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू
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ज्ञानपुर। काशी नरेश विश्वविद्यालय (केएनयू) में स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर किया जा रहा है। छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल पर जाकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे। अगस्त के पहले सप्ताह में छात्र-छात्राओं की काउंसिलिंग होने की संभावना है।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है। नए शिक्षा सत्र में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष का प्रवेश केएनयू में ही शुरू हो गया है। अबकी बार यहां पर तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के कोर्स भी शुरू हो रहे हैं। दो से ढाई दशक पहले तक यहां सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर आदि जिले के छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते थे, लेकिन जैसे-जैसे हर जिलों में कॉलेजों की संख्या बढ़ी तो यहां छात्रों की संख्या में कमी हो गई। नए सत्र में प्रवेश के लिए 16 जुलाई से विश्वविद्यालय का पोर्टल खोल दिया जाएगा। जिससे बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। इसी तरह जिले के सभी 23 अन्य महाविद्यालय भी यहां से संबद्ध हो गए हैं।
कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश ले सकेंगे। अगस्त के पहले सप्ताह में आवेदन की स्थिति देखकर मेरिट या सीधे प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले ही दिन 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है।
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स्नातक में 1980 और पीजी में एक हजार सीटें
काशी नरेश विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष में कुल तीन हजार सीटें हैं। बीए में 960, बीएससी बायो में 360, बीएससी मैथ में 300, बीकॉम में 360 और परास्नातक में एमए, एमएससी और एमकॉम में विषयवार सीटें हैं। विषयवार में 30 से 60 सीटें तय हैं। इससे सीटों की संख्या करीब एक हजार तक पहुंचती है।
सभी विभागाध्यक्ष पाठ्यक्रम को तय करें: कुलपति
काशी नरेश विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें सभी को निर्देश दिया गया कि वह विषयवार पाठ्यक्रम को तय कर लें। जिससे पोर्टल पर उसको अपलोड किया जा सके। कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर डॉ. रमेश चंद्र यादव, डॉ. रोशन प्रसाद, डॉ. महेंद्र त्रिपाठी, डॉ. विपुल कुमार आदि रहे।
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काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है। नए शिक्षा सत्र में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष का प्रवेश केएनयू में ही शुरू हो गया है। अबकी बार यहां पर तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के कोर्स भी शुरू हो रहे हैं। दो से ढाई दशक पहले तक यहां सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर आदि जिले के छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते थे, लेकिन जैसे-जैसे हर जिलों में कॉलेजों की संख्या बढ़ी तो यहां छात्रों की संख्या में कमी हो गई। नए सत्र में प्रवेश के लिए 16 जुलाई से विश्वविद्यालय का पोर्टल खोल दिया जाएगा। जिससे बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। इसी तरह जिले के सभी 23 अन्य महाविद्यालय भी यहां से संबद्ध हो गए हैं।
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कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश ले सकेंगे। अगस्त के पहले सप्ताह में आवेदन की स्थिति देखकर मेरिट या सीधे प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले ही दिन 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है।
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स्नातक में 1980 और पीजी में एक हजार सीटें
काशी नरेश विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष में कुल तीन हजार सीटें हैं। बीए में 960, बीएससी बायो में 360, बीएससी मैथ में 300, बीकॉम में 360 और परास्नातक में एमए, एमएससी और एमकॉम में विषयवार सीटें हैं। विषयवार में 30 से 60 सीटें तय हैं। इससे सीटों की संख्या करीब एक हजार तक पहुंचती है।
सभी विभागाध्यक्ष पाठ्यक्रम को तय करें: कुलपति
काशी नरेश विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें सभी को निर्देश दिया गया कि वह विषयवार पाठ्यक्रम को तय कर लें। जिससे पोर्टल पर उसको अपलोड किया जा सके। कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर डॉ. रमेश चंद्र यादव, डॉ. रोशन प्रसाद, डॉ. महेंद्र त्रिपाठी, डॉ. विपुल कुमार आदि रहे।