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एक और मौत-
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औराई/घोसिया (भदोही)। नरथुआ के दुर्गापूजा पंडाल में लगी आग की घटना झुलसे लोगों के जान गंवाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को एक और महिला सीमा ने बीएचयू में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। राजापुर बिंद बस्ती निवासी शंकर बिंद की 25 वर्षीय पुत्री सीमा की पांच महीने पहले ही शादी हुई थी। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 16 पहुंच गई। अभी 60 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसमें आठ लोगों की स्थिति गंभीर है।
दो अक्तूबर को औराई के नरथुआ में गुफानुमा बने पंडाल में आग लगने से 80 लोग झुलस गए। हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। यह अग्निकांड पुरुषोत्तमपुर बारी गांव निवासी पूर्व प्रधान रमापति के परिवार पर कहर बनकर टूटा है। इनके घर के छह लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार की सुबह बीएचयू इमरजेंसी में भर्ती सीमा बिंद (25) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके पिता शंकर बिंद ने बताया कि दो अक्तूबर को गांव और पड़ोस वालों के साथ मां दुर्गा के पंडाल में मां का दर्शन करने गई थी। देर शाम दुर्गा पंडाल में लगी आग की चपेट में वह भी आ गई थी। बीएचयू में उसका इलाज चल रहा था। सीमा की पांच महीने पहले ही मिर्जापुर के विंध्याचल में शादी हुई थी। दो महीने से वह मायके में थी। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भोगांव के गंगा घाट पर किया। जिलाधिकारी गौरांग राठी और एसपी डॉ. अनिल कुमार महिला की संवेदना जताई है।
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हादसे ने बढ़ाई परिजनों की चिंता
अग्निकांड में लगातार हो रही मौतों से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। घटना के दो सप्ताह बीतने के बाद भी अब तक मौत का सिलसिला थम नहीं सका है। रोज-रोज आ रही दुखद खबर ने औराई, घोसिया, राजापुर सहित आसपास के लोगों को झकझोर दिया है। गांव के लोग चाहते हैं कि जो भी अस्पताल में भर्ती है, सब जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आएं।
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बुझ गया चिराग
हादसे ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। अग्निकांड में सबसे पहली मौत 12 वर्षीय अंकुश सोनी पुत्र दीपक सेठ की हुई थी। अपने बड़े भाई से फुल्की चाट खिलाने की जिद करते हुए घर से मेले में निकले अंकुश को नहीं पता था कि उसके साथ यह हादसा हो जाएगा। उसके पिता बताते हैं कि दुर्गा पूजा देखने की बात हुई तो अंकुश के बड़े भाई ने कहा था कि खाना खाकर चला जायेगा लेकिन अंकुश ने जिद करते हुए कहा कि क्या भइया...मेले में फुल्की चाट न खिलाना पड़े इसलिए खाना खाकर चलने के लिए बोल रहे हैं। छोटे भाई की इस शिकायत पर बड़ा भाई तुरंत सबको लेकर मेले के लिए निकल गया। दीपक सेठ कहते हैं कि मेरे घर का चिराग तो बुझ गया, अब दीवाली कैसे रोशन होगी?
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खून की पड़ी जरूरत तो आरक्षी आया आगे
ज्ञानपुर। अग्निकांड के बाद से लगातार आम जनता से लेकर प्रशासन और पुलिस पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रही है। कोई तन से, कोई मन से तो कोई धन से पीड़ितों की मदद करने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में साइबर सेल में तैनात आरक्षी अंकित त्रिपाठी ने कुछ ऐसा काम किया कि हर तरफ उनकी सराहना हो रही है। औराई स्थित सूर्या ट्रामा सेंटर में झुलसे मरीज को तत्काल खून की आवश्यकता पड़ी। हॉस्पिटल व परिजन इसकी व्यवस्था में लगे हुए थे। समय बीता जा रहा था। अंकित को जैसे ही सूचना मिली, वैसे ही हॉस्पिटल पहुंच कर ब्लड दिया। कार्य के लिए न सिर्फ उनके सहयोगी बल्कि एसपी डॉ. अनिल कुमार ने भी उनकी सराहना की।
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स्वस्थ हुए चार मरीज
ज्ञानपुर। अस्पताल में भर्ती लोग अब ठीक होकर लौटने लगे हैं। शुक्रवार को भी चार मरीजों की सेहत में सुधार होने पर घर भेजा गया। इसके पहले बृहस्पतिवार को भी पांच बच्चे स्वस्थ होकर घर लौटे थे। शुक्रवार को जीवनदीप अस्पताल भदोही में भर्ती चार मरीजों को चिकित्सकों ने स्वस्थ होने पर घर भेज दिया। डिस्चार्ज होने वालों में आरती देवी, प्राची यादव, हर्ष यादव और रामसुंदर शामिल हैं। उच्च चिकित्सकीय संस्थान में उपचाराधीन विधि पाल, उत्कर्ष पाल और चंदा को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक कुल नौ मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक नेतृत्व में जनपद के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है।
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रमापति के घर संवेदना जताने पहुंचे कांग्रेस महासचिव
औराई। कांग्रेस के जिला महासचिव जजलाल यादव शुक्रवार को अग्निकांड में छह परिजनों को गंवाने वाले पुरुषोत्तमपुर बारी गांव निवासी रमापति के आवास पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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दो अक्तूबर को औराई के नरथुआ में गुफानुमा बने पंडाल में आग लगने से 80 लोग झुलस गए। हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। यह अग्निकांड पुरुषोत्तमपुर बारी गांव निवासी पूर्व प्रधान रमापति के परिवार पर कहर बनकर टूटा है। इनके घर के छह लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार की सुबह बीएचयू इमरजेंसी में भर्ती सीमा बिंद (25) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके पिता शंकर बिंद ने बताया कि दो अक्तूबर को गांव और पड़ोस वालों के साथ मां दुर्गा के पंडाल में मां का दर्शन करने गई थी। देर शाम दुर्गा पंडाल में लगी आग की चपेट में वह भी आ गई थी। बीएचयू में उसका इलाज चल रहा था। सीमा की पांच महीने पहले ही मिर्जापुर के विंध्याचल में शादी हुई थी। दो महीने से वह मायके में थी। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भोगांव के गंगा घाट पर किया। जिलाधिकारी गौरांग राठी और एसपी डॉ. अनिल कुमार महिला की संवेदना जताई है।
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हादसे ने बढ़ाई परिजनों की चिंता
अग्निकांड में लगातार हो रही मौतों से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। घटना के दो सप्ताह बीतने के बाद भी अब तक मौत का सिलसिला थम नहीं सका है। रोज-रोज आ रही दुखद खबर ने औराई, घोसिया, राजापुर सहित आसपास के लोगों को झकझोर दिया है। गांव के लोग चाहते हैं कि जो भी अस्पताल में भर्ती है, सब जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आएं।
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बुझ गया चिराग
हादसे ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। अग्निकांड में सबसे पहली मौत 12 वर्षीय अंकुश सोनी पुत्र दीपक सेठ की हुई थी। अपने बड़े भाई से फुल्की चाट खिलाने की जिद करते हुए घर से मेले में निकले अंकुश को नहीं पता था कि उसके साथ यह हादसा हो जाएगा। उसके पिता बताते हैं कि दुर्गा पूजा देखने की बात हुई तो अंकुश के बड़े भाई ने कहा था कि खाना खाकर चला जायेगा लेकिन अंकुश ने जिद करते हुए कहा कि क्या भइया...मेले में फुल्की चाट न खिलाना पड़े इसलिए खाना खाकर चलने के लिए बोल रहे हैं। छोटे भाई की इस शिकायत पर बड़ा भाई तुरंत सबको लेकर मेले के लिए निकल गया। दीपक सेठ कहते हैं कि मेरे घर का चिराग तो बुझ गया, अब दीवाली कैसे रोशन होगी?
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खून की पड़ी जरूरत तो आरक्षी आया आगे
ज्ञानपुर। अग्निकांड के बाद से लगातार आम जनता से लेकर प्रशासन और पुलिस पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रही है। कोई तन से, कोई मन से तो कोई धन से पीड़ितों की मदद करने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में साइबर सेल में तैनात आरक्षी अंकित त्रिपाठी ने कुछ ऐसा काम किया कि हर तरफ उनकी सराहना हो रही है। औराई स्थित सूर्या ट्रामा सेंटर में झुलसे मरीज को तत्काल खून की आवश्यकता पड़ी। हॉस्पिटल व परिजन इसकी व्यवस्था में लगे हुए थे। समय बीता जा रहा था। अंकित को जैसे ही सूचना मिली, वैसे ही हॉस्पिटल पहुंच कर ब्लड दिया। कार्य के लिए न सिर्फ उनके सहयोगी बल्कि एसपी डॉ. अनिल कुमार ने भी उनकी सराहना की।
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स्वस्थ हुए चार मरीज
ज्ञानपुर। अस्पताल में भर्ती लोग अब ठीक होकर लौटने लगे हैं। शुक्रवार को भी चार मरीजों की सेहत में सुधार होने पर घर भेजा गया। इसके पहले बृहस्पतिवार को भी पांच बच्चे स्वस्थ होकर घर लौटे थे। शुक्रवार को जीवनदीप अस्पताल भदोही में भर्ती चार मरीजों को चिकित्सकों ने स्वस्थ होने पर घर भेज दिया। डिस्चार्ज होने वालों में आरती देवी, प्राची यादव, हर्ष यादव और रामसुंदर शामिल हैं। उच्च चिकित्सकीय संस्थान में उपचाराधीन विधि पाल, उत्कर्ष पाल और चंदा को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक कुल नौ मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक नेतृत्व में जनपद के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है।
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रमापति के घर संवेदना जताने पहुंचे कांग्रेस महासचिव
औराई। कांग्रेस के जिला महासचिव जजलाल यादव शुक्रवार को अग्निकांड में छह परिजनों को गंवाने वाले पुरुषोत्तमपुर बारी गांव निवासी रमापति के आवास पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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