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Bhadohi News: अब 34 केंद्रों पर होगी गेहूं खरीद, आठ नए बढ़े
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ज्ञानपुर। जिले में एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद अब 34 केंद्रों पर होगी। डीएम के निर्देश पर आठ नए केंद्र बनाए गए। जिससे संख्या 26 से बढ़कर 34 पहुंच गई है। इसमें 13 पीसीएफ, 12 विपणन, एक आरएफसी और आठ उत्तर प्रदेश सहकारी सेवा संघ का केंद्र शामिल है। शासन से लक्ष्य का निर्धारण भले ही नहीं हो सका है, लेकिन तीनों तहसीलों में 500 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है।
रबी और खरीफ सीजन में हर साल सरकार किसानों से गेहूं और धान की खरीद करती है। क्रय केंद्रों पर किसानों को दिक्कत न हो इसलिए तमाम सुविधाएं भी जाती है। 28 फरवरी को धान की खरीद खत्म होने के बाद प्रशासन गेहूं की खरीद की कवायद में जुट गया है। खरीद शुरू होने में अब एक सप्ताह का समय बचा है। किसानों को कोई दिक्कत न हो इसलिए बुधवार को आठ केंद्रों को बढ़ा दिया गया। पूर्व में 13 पीसीएफ, 12 खाद्य विभाग और एक आरएफसी सहित कुल 26 केंद्र बने थे, लेकिन अब उनकी संख्या 34 हो गई है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक लक्ष्य शासन स्तर से तय नहीं किया गया है। किसानों की सहूलियत के लिए आठ नए केंद्र बनाए गए हैं। जिससे अब कुल 34 केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। उन्होंने बताया कि गेहूं का 2125 रुपये समर्थन मूल्य निर्धारित है। अब तक 500 किसानों ने पंजीकरण कराया है। बताया कि गेंहू खरीद के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। किसान विभागीय पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करा लें। जिससे सत्यापन होने के बाद समय से खरीद शुरू हो सके। बताते चलें कि जिले में 47 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है।
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इनसेट
बेमौसम बारिश कहीं बिगाड़ न दे गणित
ज्ञानपुर। जिले में बेमौसम बारिश, आंधी, ओलावृष्टि के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की करीब-करीब तैयार फसल बारिश और आंधी से गिर गई। इससे पैदावार प्रभावित होगी। कृषि विभाग के अनुसार 12 से 15 फीसदी तक नुकसान हुआ है। अगर पैदावार में कमी आई तो खरीद भी उम्मीद के हिसाब से नहीं हो सकेगा।
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इनसेट
दागी को बना दिया केंद्र प्रभारी, उठे सवाल
ज्ञानपुर। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शासन और प्रशासन की ओर से भले ही तमाम दावे होते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं जुदा है। ताजा मामला क्रय केंद्र प्रभारियों की तैनाती का है। एक ब्लॉक में दागी को ही क्रय केंद्र प्रभारी बनाया गया है। जिसको लेकर तमाम सवाल भी उठने लगे हैं। उसके खिलाफ मिर्जापुर के चुनार में जालसाजी, धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज है। खरीद के नोडल एवं एडीएम न्यायिक एसएन सिंह ने कहा कि केंद्र प्रभारियों पर निगरानी रखी जा रही है।
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रबी और खरीफ सीजन में हर साल सरकार किसानों से गेहूं और धान की खरीद करती है। क्रय केंद्रों पर किसानों को दिक्कत न हो इसलिए तमाम सुविधाएं भी जाती है। 28 फरवरी को धान की खरीद खत्म होने के बाद प्रशासन गेहूं की खरीद की कवायद में जुट गया है। खरीद शुरू होने में अब एक सप्ताह का समय बचा है। किसानों को कोई दिक्कत न हो इसलिए बुधवार को आठ केंद्रों को बढ़ा दिया गया। पूर्व में 13 पीसीएफ, 12 खाद्य विभाग और एक आरएफसी सहित कुल 26 केंद्र बने थे, लेकिन अब उनकी संख्या 34 हो गई है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक लक्ष्य शासन स्तर से तय नहीं किया गया है। किसानों की सहूलियत के लिए आठ नए केंद्र बनाए गए हैं। जिससे अब कुल 34 केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। उन्होंने बताया कि गेहूं का 2125 रुपये समर्थन मूल्य निर्धारित है। अब तक 500 किसानों ने पंजीकरण कराया है। बताया कि गेंहू खरीद के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। किसान विभागीय पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करा लें। जिससे सत्यापन होने के बाद समय से खरीद शुरू हो सके। बताते चलें कि जिले में 47 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है।
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बेमौसम बारिश कहीं बिगाड़ न दे गणित
ज्ञानपुर। जिले में बेमौसम बारिश, आंधी, ओलावृष्टि के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की करीब-करीब तैयार फसल बारिश और आंधी से गिर गई। इससे पैदावार प्रभावित होगी। कृषि विभाग के अनुसार 12 से 15 फीसदी तक नुकसान हुआ है। अगर पैदावार में कमी आई तो खरीद भी उम्मीद के हिसाब से नहीं हो सकेगा।
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दागी को बना दिया केंद्र प्रभारी, उठे सवाल
ज्ञानपुर। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शासन और प्रशासन की ओर से भले ही तमाम दावे होते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं जुदा है। ताजा मामला क्रय केंद्र प्रभारियों की तैनाती का है। एक ब्लॉक में दागी को ही क्रय केंद्र प्रभारी बनाया गया है। जिसको लेकर तमाम सवाल भी उठने लगे हैं। उसके खिलाफ मिर्जापुर के चुनार में जालसाजी, धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज है। खरीद के नोडल एवं एडीएम न्यायिक एसएन सिंह ने कहा कि केंद्र प्रभारियों पर निगरानी रखी जा रही है।