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अब नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी, हर बेड पर इंतजाम
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कोरोना की पहली, दूसरी लहर में जिस तरह ऑक्सीजन का संकट गहराया था, उस तरह की स्थिति तीसरी लहर में पैदा नहीं होगी। जिले के अस्पतालों हर बेड पर तत्काल ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। इसके लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में चयनित अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट भी लगकर तैयार हो गए हैं। जहां ऑक्सीजन प्लांट नहीं है, वहां जंबो सिलिंडर और कंसंट्रेटर का इंतजाम अभी से कर दिया गया है।
कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन विश्व के विभिन्न देशों में तेजी पांव पसार रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ कोविड की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य महकमा तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए ग्रामीण अंचलों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी चाक चौबंद किया जा रहा है। महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल को एल टू अस्पताल बनाया गया है, जबकि औराई, सुरियावां, डीघ व दुर्गागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एल-वन प्लस बनाया गया है। इसमें औराई में 35 बेड और अन्य सीएचसी में 30-30 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। इन अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो सामान्य मरीजों को नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। सुरियावां, औराई और महाराज बलवंत सिंह चिकित्सालय में हर बेड पर ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति की व्यवस्था है। डीघ सीएचसी में 24 जंबो सिलिंडर और 40 कंसंट्रेटर की व्यवस्था की गई है। सीएचसी दुर्गागंज यानी भानीपुर में भी इंतजाम है। महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय को नॉन कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। यहां के सीएमएस डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि जब कोविड केस बढ़ता है तो सामान्य मरीजों को भी इलाज में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में इस अस्पताल को नॉन कोविड वालों के लिए तैयार किया गया है। यहां पांच सौ लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है। हर बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित दुबे का कहना है कि संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए एक एल टू अस्पताल समेत चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एल वन प्लस के रूप में चिह्नित किया गया है। इन सभी अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था है। जो कमी है उसको भी जल्द दूर कर लिया जाएगा, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
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कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन विश्व के विभिन्न देशों में तेजी पांव पसार रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ कोविड की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य महकमा तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए ग्रामीण अंचलों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी चाक चौबंद किया जा रहा है। महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल को एल टू अस्पताल बनाया गया है, जबकि औराई, सुरियावां, डीघ व दुर्गागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एल-वन प्लस बनाया गया है। इसमें औराई में 35 बेड और अन्य सीएचसी में 30-30 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। इन अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो सामान्य मरीजों को नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। सुरियावां, औराई और महाराज बलवंत सिंह चिकित्सालय में हर बेड पर ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति की व्यवस्था है। डीघ सीएचसी में 24 जंबो सिलिंडर और 40 कंसंट्रेटर की व्यवस्था की गई है। सीएचसी दुर्गागंज यानी भानीपुर में भी इंतजाम है। महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय को नॉन कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। यहां के सीएमएस डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि जब कोविड केस बढ़ता है तो सामान्य मरीजों को भी इलाज में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में इस अस्पताल को नॉन कोविड वालों के लिए तैयार किया गया है। यहां पांच सौ लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है। हर बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित दुबे का कहना है कि संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए एक एल टू अस्पताल समेत चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एल वन प्लस के रूप में चिह्नित किया गया है। इन सभी अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था है। जो कमी है उसको भी जल्द दूर कर लिया जाएगा, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
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