{"_id":"654939de309c75c3fe0ba324","slug":"now-nano-urea-will-be-sprayed-by-drone-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-5306-2023-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: अब ड्रोन से नैनो यूरिया का होगा छिड़काव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: अब ड्रोन से नैनो यूरिया का होगा छिड़काव
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। उन्हें फसलों में नैनो यूरिया और कीटनाशक के छिड़काव के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। अब खेतों में जल्द ही ड्रोन से खाद डालने की व्यवस्था की जाएगी। सहकारिता विभाग को पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक ड्रोन मिलेगा। जिसका ट्रायल सफल होने पर तहसील, ब्लॉक और बाद में समिति स्तर पर एक-एक ड्रोन की व्यवस्था की जाएगी।
जिले में करीब 70 से 80 हजार हेक्टेयर रकबे में रबी, खरीफ एवं जायद की फसलों की खेती होती है। इफको ने नैनो यूरिया खाद बनाया है। इस तरह यूरिया खाद की खास बात यह है कि आधा लीटर खाद 45 किलो यूरिया के बराबर काम करता है। इसके लिए किसान को स्प्रे मशीन की जरूरत होती है और इसे चलाने में भी कड़ी मेहनत लगती है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए इस यूरिया खाद का छिड़काव खेतों में करवाने के लिए सरकार इसे आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। सरकार ने इफ्को के साथ मिलकर इस यूरिया खाद का खेतों में छिडक़ाव कराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिले में एक ड्रोन की व्यवस्था की जाएगी। जिसका प्रशिक्षण आदि कराकर किसानों को मात्र 50 से 100 रूपये के खर्च में उपलब्ध कराया जाएगा। सफल होने पर तहसील, ब्लॉक और समिति स्तर पर एक-एक ड्रोन की व्यवस्था की जाएगी। जिससे एक एकड़ खेत में चंद मिनटों में इस यूरिया का छिड़काव हो जाएगा। एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि पीएम समृद्धि योजना से जिले की 36 समितियां जुड़ गई हैं। उन समितियों पर टीवी, कुर्सी आदि की व्यवस्था की जा रही है। जिससे खेतीबारी के जागरूकता कार्यक्रम समिति पर ही होंगे। शासन से एक ड्रोन स्वीकृत हुआ है। जिसको किसान 50 से 100 रूपये में लेकर खेतों में नैनो यूरिया का छिड़काव कर सकेंगे।
विज्ञापन
जिले में करीब 70 से 80 हजार हेक्टेयर रकबे में रबी, खरीफ एवं जायद की फसलों की खेती होती है। इफको ने नैनो यूरिया खाद बनाया है। इस तरह यूरिया खाद की खास बात यह है कि आधा लीटर खाद 45 किलो यूरिया के बराबर काम करता है। इसके लिए किसान को स्प्रे मशीन की जरूरत होती है और इसे चलाने में भी कड़ी मेहनत लगती है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए इस यूरिया खाद का छिड़काव खेतों में करवाने के लिए सरकार इसे आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। सरकार ने इफ्को के साथ मिलकर इस यूरिया खाद का खेतों में छिडक़ाव कराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिले में एक ड्रोन की व्यवस्था की जाएगी। जिसका प्रशिक्षण आदि कराकर किसानों को मात्र 50 से 100 रूपये के खर्च में उपलब्ध कराया जाएगा। सफल होने पर तहसील, ब्लॉक और समिति स्तर पर एक-एक ड्रोन की व्यवस्था की जाएगी। जिससे एक एकड़ खेत में चंद मिनटों में इस यूरिया का छिड़काव हो जाएगा। एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि पीएम समृद्धि योजना से जिले की 36 समितियां जुड़ गई हैं। उन समितियों पर टीवी, कुर्सी आदि की व्यवस्था की जा रही है। जिससे खेतीबारी के जागरूकता कार्यक्रम समिति पर ही होंगे। शासन से एक ड्रोन स्वीकृत हुआ है। जिसको किसान 50 से 100 रूपये में लेकर खेतों में नैनो यूरिया का छिड़काव कर सकेंगे।
विज्ञापन