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अब पीएफएमएस से होगा एमडीएम का भुगतान
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शिक्षा विभाग में अब एमडीएम का पैसा भी पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट/सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) से होगा। इसमें कन्वर्जन कास्ट से लेकर रसोइयां तक का मानदेय भी शामिल है। इसके लिए एमडीएम सेल ने रसोइयों का खाता अपडेट कराना शुरू कर दिया है। नए शिक्षा सत्र से एमडीएम प्राधिकरण के एक क्लिक से पैसा सीधे खाते में पहुंचेगा।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें पहली से आठवीं तक के कुल एक लाख 85 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूलों में अभी अवकाश चल रहा है, लेकिन शिक्षण काल में दोपहर का भोजन यानी एमडीएम बच्चों को दिया जाता है। पूर्व में एमडीएम कन्वर्जन कास्ट और रसोइयों का पैसा ट्रेजरी के माध्यम से आता था, लेकिन अब वह सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के तहत आएगा। इससे कुकिंग मूल्य, भोजन मात्रा मानदेय, ढुलान भाड़ा आदि परियोजना मुख्यालय से एक क्लिक पर सीधे संबंधित स्कूल के खाते में डाला जाएगा। प्रधानाध्यापक भी एमडीएम संबंधित भुगतान अब पीएफएमएस के तहत ही करेंगे। एमडीएम समन्वयक सौरभ सिंह ने बताया कि अभी तक ट्रेजरी के माध्यम से एमडीएम निधि का पैसा स्कूलों के खाते में आता था, लेकिन अब प्राधिकरण से सीधे आएगा। इससे पारदर्शिता भी आएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी पीएफएमएस के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि भुगतान में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। इसके लिए सभी स्कूलों को पीएफएमएस के पोर्टल पर आनलाइन पंजीकरण करना होगा।
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जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें पहली से आठवीं तक के कुल एक लाख 85 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूलों में अभी अवकाश चल रहा है, लेकिन शिक्षण काल में दोपहर का भोजन यानी एमडीएम बच्चों को दिया जाता है। पूर्व में एमडीएम कन्वर्जन कास्ट और रसोइयों का पैसा ट्रेजरी के माध्यम से आता था, लेकिन अब वह सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के तहत आएगा। इससे कुकिंग मूल्य, भोजन मात्रा मानदेय, ढुलान भाड़ा आदि परियोजना मुख्यालय से एक क्लिक पर सीधे संबंधित स्कूल के खाते में डाला जाएगा। प्रधानाध्यापक भी एमडीएम संबंधित भुगतान अब पीएफएमएस के तहत ही करेंगे। एमडीएम समन्वयक सौरभ सिंह ने बताया कि अभी तक ट्रेजरी के माध्यम से एमडीएम निधि का पैसा स्कूलों के खाते में आता था, लेकिन अब प्राधिकरण से सीधे आएगा। इससे पारदर्शिता भी आएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी पीएफएमएस के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि भुगतान में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। इसके लिए सभी स्कूलों को पीएफएमएस के पोर्टल पर आनलाइन पंजीकरण करना होगा।
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