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माध्यमिक विद्यालयों में अब बायोमेट्रिक हाजिरी
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माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी अब समय से विद्यालयों में पहुंचेंगे। उनकी मनमानी पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। उपस्थिति की जांच के लिए स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी। इसे 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी राजकीय और वित्तपोषित 60 से अधिक स्कूल-कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने 13 मई तक इसकी रिपोर्ट भी मांगी है।
राजकीय व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी रोकने के लिए अब उनकी उपस्थिति बायोमेट्रिक लगेगी। शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा ब्योरा भी ऑनलाइन दर्ज होगा और एप को शिक्षकों के वेतन से जोड़ा जाएगा। शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर पोर्टल बनाया जाएगा। शासन ने एक माह में विद्यालयों में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू कर इसकी सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 183 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिसमें 35 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त और शेष 123 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों की निगरानी करने के लिए अपर शिक्षा निदेशक ने शिक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक माध्यम से दर्ज कराने का निर्देश दिया है। करीब 10 दिन पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र पहुंच गया है। विद्यालयों की वेबसाइट पर पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने तथा एक माह के अंदर बायोमेट्रिक से शिक्षकों की हाजिरी शुरू कराने का निर्देश दिया है। यही नहीं, विद्यालयों का पोर्टल तैयार कराने के साथ उनकी वेबसाइट भी बनाई जाएगी। जिस पर विद्यालय का पूरा लेखा जोखा अपटेड रहेगा। जरूरत पड़ने पर विद्यालयों की ऑनलाइन जांच भी की जा सकेगी। नई व्यवस्था से राजकीय इंटर कॉलेजों तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में फर्जीवाड़ा के मामले रुकेंगे। शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति पकड़ में आ सकेगी। इसके लिए विद्यालयों की वेबसाइट, ई-मेल आईडी बनेगी। कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की ई-मेल आईडी, अनिवार्य रूप से बननी है। बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। विद्यालयों को 13 मई तक डिवाइस लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता कहना है कि शासन की ओर से जारी पत्र में शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए मशीन लगाने का निर्देश दिया गया है। एक माह में व्यवस्था पूरी कर सूचना शासन को उपलब्ध करानी है। शासनादेश का शीघ्र पालन करा दिया जाएगा।
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राजकीय व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी रोकने के लिए अब उनकी उपस्थिति बायोमेट्रिक लगेगी। शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा ब्योरा भी ऑनलाइन दर्ज होगा और एप को शिक्षकों के वेतन से जोड़ा जाएगा। शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर पोर्टल बनाया जाएगा। शासन ने एक माह में विद्यालयों में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू कर इसकी सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 183 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिसमें 35 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त और शेष 123 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों की निगरानी करने के लिए अपर शिक्षा निदेशक ने शिक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक माध्यम से दर्ज कराने का निर्देश दिया है। करीब 10 दिन पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र पहुंच गया है। विद्यालयों की वेबसाइट पर पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने तथा एक माह के अंदर बायोमेट्रिक से शिक्षकों की हाजिरी शुरू कराने का निर्देश दिया है। यही नहीं, विद्यालयों का पोर्टल तैयार कराने के साथ उनकी वेबसाइट भी बनाई जाएगी। जिस पर विद्यालय का पूरा लेखा जोखा अपटेड रहेगा। जरूरत पड़ने पर विद्यालयों की ऑनलाइन जांच भी की जा सकेगी। नई व्यवस्था से राजकीय इंटर कॉलेजों तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में फर्जीवाड़ा के मामले रुकेंगे। शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति पकड़ में आ सकेगी। इसके लिए विद्यालयों की वेबसाइट, ई-मेल आईडी बनेगी। कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की ई-मेल आईडी, अनिवार्य रूप से बननी है। बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। विद्यालयों को 13 मई तक डिवाइस लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता कहना है कि शासन की ओर से जारी पत्र में शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए मशीन लगाने का निर्देश दिया गया है। एक माह में व्यवस्था पूरी कर सूचना शासन को उपलब्ध करानी है। शासनादेश का शीघ्र पालन करा दिया जाएगा।
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