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लापरवाही पर 74 प्रधानाचार्यों को नोटिस
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यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही विद्यार्थियों के प्रवेश में की गई गड़बड़ी सामने आने लगी है। परीक्षार्थियों की फोटो, दिव्यांगता प्रमाणपत्र शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड नहीं करने पर डीआईओएस एनएल गुप्ता ने बृहस्पतिवार को 74 प्रधानाचार्यों को तीसरी नोटिस जारी किया। चार मार्च तक अपलोड नहीं करने पर 350 से अधिक विद्यार्थियों को फर्जी मानते हुए विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिले में 36 राजकीय, 25 वित्तपोषित सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। मार्च में संभावित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। परीक्षा में 49 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रवेश पत्र जारी करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले में 350 से अधिक विद्यार्थियों की मिसिंग फोटो और दिव्यांग प्रमाणपत्र दोबारा वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। एक पखवाड़ा पूर्व से विभाग की सख्ती के बाद भी 74 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों ने अपलोड नहीं किया। इस संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय की तरफ से तीसरा नोटिस जारी किया गया। जिसमें शिक्षा परिषद की तरफ से मिसिंग फोटो अपलोड नहीं करने पर नाराजगी जताई गई है। बोर्ड ने माना है कि ऐसे विद्यार्थियों का प्रवेश फर्जी है। चेतावनी दी गई है कि चार मार्च तक अपलोड नहीं करने पर उनका प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा और संबंधित विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि 74 प्रधानाचार्यों ने लापरवाही बरती है। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर चार मार्च तक मिसिंग फोटो और दिव्यांगता प्रमाणपत्र अपलोड कराने का मौका दिया है। निर्र्धारित तिथि तक अपलोड नहीं होने पर संबंधित विद्यार्थियों को फर्जी मान लिया जाएगा। बोर्ड उन्हें प्रवेश पत्र जारी नहीं करेगा। इस गड़बड़ी को लेकर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
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जिले में 36 राजकीय, 25 वित्तपोषित सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। मार्च में संभावित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। परीक्षा में 49 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रवेश पत्र जारी करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले में 350 से अधिक विद्यार्थियों की मिसिंग फोटो और दिव्यांग प्रमाणपत्र दोबारा वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। एक पखवाड़ा पूर्व से विभाग की सख्ती के बाद भी 74 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों ने अपलोड नहीं किया। इस संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय की तरफ से तीसरा नोटिस जारी किया गया। जिसमें शिक्षा परिषद की तरफ से मिसिंग फोटो अपलोड नहीं करने पर नाराजगी जताई गई है। बोर्ड ने माना है कि ऐसे विद्यार्थियों का प्रवेश फर्जी है। चेतावनी दी गई है कि चार मार्च तक अपलोड नहीं करने पर उनका प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा और संबंधित विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि 74 प्रधानाचार्यों ने लापरवाही बरती है। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर चार मार्च तक मिसिंग फोटो और दिव्यांगता प्रमाणपत्र अपलोड कराने का मौका दिया है। निर्र्धारित तिथि तक अपलोड नहीं होने पर संबंधित विद्यार्थियों को फर्जी मान लिया जाएगा। बोर्ड उन्हें प्रवेश पत्र जारी नहीं करेगा। इस गड़बड़ी को लेकर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
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