{"_id":"5ea018728ebc3e90586e5b9d","slug":"no-pulses-of-pigeon-pea-will-be-available-from-may-bhadohi-news-vns521415667","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरहर की दाल नहीं मई से मिलेगा खड़ा चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरहर की दाल नहीं मई से मिलेगा खड़ा चना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। जनपद में संचालित 744 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से कार्डधारकों को अरहर की दाल नहीं बल्कि आगामी माह अतिरिक्त राशन के साथ प्रतिकार्ड एक-एक किलो खड़ा चना मिलने के आसार बढ़ गए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग ने 3,13,284 कार्डधारकों में वितरण के लिए 3.13 एमटी आवंटन का लक्ष्य निर्धारण कर शासन को भेज दिया है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन में कार्डधारकों, गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को राहत पहुंचाने के नाम पर शासन ने रूटीन पर मिलने वाले राशन के साथ-साथ अतिरिक्त राशन और दाल की घोषणा पिछले माह की गई थी। रूटीन और अतिरिक्त मिलने वाले राशन का वितरण जिलापूर्ति विभाग ने सुनिश्चित कराकर दाल का इंतजार कर रहा था, लेकिन अरहर की दाल मिलना संभव नहीं हो पा रहा है। जबकि गत एक और 15 अप्रैल को वितरित हुए राशन के दौरान विभाग को दाल देने में हो रही देरी पर तरह-तरह की झंझावतों का भी सामना करना आम बात रही है। इतना ही नहीं अतिरिक्त राशन देने में भी गरीब परिवार विभागीय संकट बढ़ा देने से अधिकारी और कर्मचारी अब कदम फूंक-फूंक कर ही आगे बढ़ा रहे हैं। एक मई से रूटीन का वितरण तो 15 मई से अतिरिक्त चावल और चना का इंतजार कर रहे कार्डधारक, निराश्रित, गरीब परिवार, मजदूरों के एक साथ दुकानों पर पहुंचने की चिंता इस कदर बढ़ गई है कि जिलापूर्ति विभाग ने अभी से पसीना छोड़ना शुरू कर दिया है।
डीएसओ अमित कुमार तिवारी, विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि 30 अप्रैल तक चना की खेप हर हाल में उपलब्ध करा दी जाएगी। एक से 13 मई तक गोदामों से उठान कराकर कोटे की दुकानों से वितरण की व्यवस्था 15 मई से शुरू करा देने की संभावना है। लेकिन, अभी तक कोई तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
बेपटरी हुआ सोशल डिस्टेंस
ज्ञानपुर। कोरोना वायरस पीड़ितों की संख्या भले ही भदोही जिले में नगण्य रही हो और जनपद को ग्रीन जोन में विभक्त कर सावधानियां बरतने की मिली हिदायत को तार-तार कर खाद्य एवं रसद विभाग सोशल डिस्टेंस को बेपटरी कर दे रहा है। आधा दर्जन हाट गोदामों, जिलापूर्ति विभाग तक लग रही भीड़ पर किसी की नजर न होने का पूरा लाभ लोग उठा रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कोई प्रभाव न होने से माखौल उड़ाने का प्रयास कभी भी घातक हो जाएगा। गोदामों पर राशन का उठान तो विभागों में नए कार्ड बनवाने, यूनिट को बढ़वाने के लिए लोगों का जमावड़ा बराबर बना हुआ है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस पहल भी नहीं हो सकी है न बचाव के लिए उचित व्यवस्थाएं ही देखी जा रही हैं।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन में कार्डधारकों, गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को राहत पहुंचाने के नाम पर शासन ने रूटीन पर मिलने वाले राशन के साथ-साथ अतिरिक्त राशन और दाल की घोषणा पिछले माह की गई थी। रूटीन और अतिरिक्त मिलने वाले राशन का वितरण जिलापूर्ति विभाग ने सुनिश्चित कराकर दाल का इंतजार कर रहा था, लेकिन अरहर की दाल मिलना संभव नहीं हो पा रहा है। जबकि गत एक और 15 अप्रैल को वितरित हुए राशन के दौरान विभाग को दाल देने में हो रही देरी पर तरह-तरह की झंझावतों का भी सामना करना आम बात रही है। इतना ही नहीं अतिरिक्त राशन देने में भी गरीब परिवार विभागीय संकट बढ़ा देने से अधिकारी और कर्मचारी अब कदम फूंक-फूंक कर ही आगे बढ़ा रहे हैं। एक मई से रूटीन का वितरण तो 15 मई से अतिरिक्त चावल और चना का इंतजार कर रहे कार्डधारक, निराश्रित, गरीब परिवार, मजदूरों के एक साथ दुकानों पर पहुंचने की चिंता इस कदर बढ़ गई है कि जिलापूर्ति विभाग ने अभी से पसीना छोड़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
डीएसओ अमित कुमार तिवारी, विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि 30 अप्रैल तक चना की खेप हर हाल में उपलब्ध करा दी जाएगी। एक से 13 मई तक गोदामों से उठान कराकर कोटे की दुकानों से वितरण की व्यवस्था 15 मई से शुरू करा देने की संभावना है। लेकिन, अभी तक कोई तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
बेपटरी हुआ सोशल डिस्टेंस
ज्ञानपुर। कोरोना वायरस पीड़ितों की संख्या भले ही भदोही जिले में नगण्य रही हो और जनपद को ग्रीन जोन में विभक्त कर सावधानियां बरतने की मिली हिदायत को तार-तार कर खाद्य एवं रसद विभाग सोशल डिस्टेंस को बेपटरी कर दे रहा है। आधा दर्जन हाट गोदामों, जिलापूर्ति विभाग तक लग रही भीड़ पर किसी की नजर न होने का पूरा लाभ लोग उठा रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कोई प्रभाव न होने से माखौल उड़ाने का प्रयास कभी भी घातक हो जाएगा। गोदामों पर राशन का उठान तो विभागों में नए कार्ड बनवाने, यूनिट को बढ़वाने के लिए लोगों का जमावड़ा बराबर बना हुआ है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस पहल भी नहीं हो सकी है न बचाव के लिए उचित व्यवस्थाएं ही देखी जा रही हैं।