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Bhadohi News: न ऑपरेशन न उपकरण, ये है मरहम पट्टी वाला ट्रॉमा सेंटर
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औराई। दो बार नामकरण के बाद भी औराई ट्राॅमा सेंटर पर मरहम पट्टी के अलावा अन्य सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं। हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में मरीजों को तत्काल उपचार के लिए अत्याधुनिक ट्राॅमा सेंटर में न तो कोई उपकरण हैं और न ही आपरेशन थियेटर। चिकित्सकों की तैनाती जरूर है, लेकिन उपकरण न होने से उनका कोई औचित्य नहीं है।
औराई में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के किनारे जनपद के इकलौते ट्राॅमा सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा। दो बार ट्राॅमा सेंटर का शिलान्यास भी किया जा चुका है, लेकिन अब तक ट्राॅमा सेंटर में सुविधाएं नहीं बढ़ीं हैं। अमर उजाला ने सोमवार को अस्पताल की पड़ताल की तो अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, सीआर्म मशीन समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरण नहीं दिखे।
अस्पताल संचालन के लिए सात चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने पर उपचार करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ट्राॅमा सेंटर में ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था नहीं है। जिससे कि गंभीर घायलों का उपचार हो सके।
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औराई सीएचसी वाली सुविधाएं ट्राॅमा सेंटर में देखने को मिली। जिसमें एक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन। जिसे केवल कंप्यूटर में ही दिखाई दे सकता है उसकी रिपोर्ट नहीं। सेंटर में तीन ईसीजी मशीन है, लेकिन उसके विशेषज्ञ की तैनाती न होने से वह भी शोपीस बनी है।
अस्पताल में तैनात सात चिकित्सकों में एक सर्जन, दो हड्डी के डॉक्टर और एक बेहोशी के डॉक्टर तैनात हैं। ये चिकित्सक भी उपकरण न होने से लाचार हैं। ट्राॅमा सेंटर में एक भी फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है, जो घायल लोगों को दवा दे सके। यहां संविदा पर 6 स्टाफ नर्स और चार वार्ड बॉय जरूर तैनात कर किए गए हैं। सुरक्षा के लिए कोई गार्ड भी नहीं दिखा।
2016 में हुआ था शिलान्यास
ट्राॅमा सेंटर का भवन 2016 में तत्कालीन विधायक मधुबाला पासी ने शिलान्यास किया गया था। उसी समय इसका नामकरण भी किया गया। इसके बाद 2019 में बनना शुरू हुआ। छह नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया था। एक माह पूर्व वर्तमान सांसद डॉ. विनोद बिंद ने भी अस्पताल के नामकरण के साथ इसका शुभारंभ किया है।
ट्राॅमा सेंटर का संचालन शुरु कर दिया गया है। मौजूद संसाधनों के बीच लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा रही है। अन्य उपकरण की मांग शासन स्तर से की गई है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।
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औराई में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के किनारे जनपद के इकलौते ट्राॅमा सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा। दो बार ट्राॅमा सेंटर का शिलान्यास भी किया जा चुका है, लेकिन अब तक ट्राॅमा सेंटर में सुविधाएं नहीं बढ़ीं हैं। अमर उजाला ने सोमवार को अस्पताल की पड़ताल की तो अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, सीआर्म मशीन समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरण नहीं दिखे।
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अस्पताल संचालन के लिए सात चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने पर उपचार करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ट्राॅमा सेंटर में ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था नहीं है। जिससे कि गंभीर घायलों का उपचार हो सके।
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औराई सीएचसी वाली सुविधाएं ट्राॅमा सेंटर में देखने को मिली। जिसमें एक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन। जिसे केवल कंप्यूटर में ही दिखाई दे सकता है उसकी रिपोर्ट नहीं। सेंटर में तीन ईसीजी मशीन है, लेकिन उसके विशेषज्ञ की तैनाती न होने से वह भी शोपीस बनी है।
अस्पताल में तैनात सात चिकित्सकों में एक सर्जन, दो हड्डी के डॉक्टर और एक बेहोशी के डॉक्टर तैनात हैं। ये चिकित्सक भी उपकरण न होने से लाचार हैं। ट्राॅमा सेंटर में एक भी फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है, जो घायल लोगों को दवा दे सके। यहां संविदा पर 6 स्टाफ नर्स और चार वार्ड बॉय जरूर तैनात कर किए गए हैं। सुरक्षा के लिए कोई गार्ड भी नहीं दिखा।
2016 में हुआ था शिलान्यास
ट्राॅमा सेंटर का भवन 2016 में तत्कालीन विधायक मधुबाला पासी ने शिलान्यास किया गया था। उसी समय इसका नामकरण भी किया गया। इसके बाद 2019 में बनना शुरू हुआ। छह नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया था। एक माह पूर्व वर्तमान सांसद डॉ. विनोद बिंद ने भी अस्पताल के नामकरण के साथ इसका शुभारंभ किया है।
ट्राॅमा सेंटर का संचालन शुरु कर दिया गया है। मौजूद संसाधनों के बीच लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा रही है। अन्य उपकरण की मांग शासन स्तर से की गई है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।