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गंगा यात्रा : गंदगी और अतिक्रमण बढ़ा रही मुश्किल
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ज्ञानपुर/सीतामढ़ी। गंगा यात्रा में मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर जिले के धार्मिक स्थल सीतामढ़ी गंगा घाट पर जिला प्रशासन की ओर से जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं, मगर साफ सफाई की ओर ध्यान नहीं देने से चारों ओर गंदगी का अंबार मुश्किलें बढ़ा सकता है। पक्की सीढ़ी और गंगा तट पर सफाई नहीं है। यही हाल रामपुर, सेमराध समेत अन्य गंगा घाटों का है। धनतुलसी मोड़ पर ऑटो और अतिक्रमण भी परेशानी को बढ़ाएगा।
29 जनवरी को जिले में पहुंच रही गंगा यात्रा को सकुशल संपन्न कराने की मुहिम में जिला प्रशासन से लेकर भाजपा के पदाधिकारी तक लगे हैं। डीएम के निर्देश पर 47 नोडल अधिकारी बनाने के साथ ही गंगा समिति गठित की गई है। स्वास्थ्य, पंचायत राज, लोक निर्माण विभाग संग अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन साफ-सफाई की हालत खस्ता है। गंगा तट पर कंकड़, पत्थरों का ढेर लगा है, जिससे स्नानार्थियों को असुविधाएं होती हैं। कार्यक्रम को लेकर लोगों को आस जगी कि पूरी धार्मिक स्थली नीट एंड क्लीन हो जाएगी, लेकिन व्यवस्थाओं को देखते हुए नहीं लगता है कि सीतामढ़ी स्वच्छ और सुंदर हो पाएगी। वाल पेंटिंग कर जगह-जगह अच्छे स्लोगन तो लिखे जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अब तक ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है कि धार्मिक स्थली सुंदर और साफ सुथरी दिखने लगे। इसी तरह सरकारी डाक बंगले के परिसर में बना सरस हाट कंडम स्थिति में पहुंच गया है, लेकिन वर्षों पूर्व बना सरस हाट अपने उद्देश्यों को पूरा नही कर सका है। वहीं लोक निर्माण विभाग सड़कों की पैचिंग और पटरी की साफ सफाई के नाम पर महज खाना पूर्ति कर रहा है। महर्षि वाल्मीकि आश्रम से हनुमान मंदिर मार्ग की स्थिति देखी जा सकती है। महज चार सौ मीटर लंबी सड़क में तीन सौ मीटर सड़क का लेपन कर शेष 100 मीटर सड़क को अधूरा छोड़ दिया गया। यह छोटी सी सड़क सीता समाहित स्थल को महर्षि वाल्मीकि आश्रम, गंगा तट, सरकारी डाक बंगला, मौनी बाबा आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, बाबा धवासा नाथ आश्रम से होते हुए बनकट गांव में मुख्य सड़क जंगीगंज धनतुलसी मार्ग से जुड़ती है। इस मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं और सैलानियों का आवागमन प्रतिदिन होता है। गंगा यात्रा जल के साथ ही हाइवे से होकर भी आएगी। इस दौरान धनतुलसी मोड़ पर फैला आटो चालकों का कब्जा एवं दुकानों के अतिक्रमण भी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
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29 जनवरी को जिले में पहुंच रही गंगा यात्रा को सकुशल संपन्न कराने की मुहिम में जिला प्रशासन से लेकर भाजपा के पदाधिकारी तक लगे हैं। डीएम के निर्देश पर 47 नोडल अधिकारी बनाने के साथ ही गंगा समिति गठित की गई है। स्वास्थ्य, पंचायत राज, लोक निर्माण विभाग संग अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन साफ-सफाई की हालत खस्ता है। गंगा तट पर कंकड़, पत्थरों का ढेर लगा है, जिससे स्नानार्थियों को असुविधाएं होती हैं। कार्यक्रम को लेकर लोगों को आस जगी कि पूरी धार्मिक स्थली नीट एंड क्लीन हो जाएगी, लेकिन व्यवस्थाओं को देखते हुए नहीं लगता है कि सीतामढ़ी स्वच्छ और सुंदर हो पाएगी। वाल पेंटिंग कर जगह-जगह अच्छे स्लोगन तो लिखे जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अब तक ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है कि धार्मिक स्थली सुंदर और साफ सुथरी दिखने लगे। इसी तरह सरकारी डाक बंगले के परिसर में बना सरस हाट कंडम स्थिति में पहुंच गया है, लेकिन वर्षों पूर्व बना सरस हाट अपने उद्देश्यों को पूरा नही कर सका है। वहीं लोक निर्माण विभाग सड़कों की पैचिंग और पटरी की साफ सफाई के नाम पर महज खाना पूर्ति कर रहा है। महर्षि वाल्मीकि आश्रम से हनुमान मंदिर मार्ग की स्थिति देखी जा सकती है। महज चार सौ मीटर लंबी सड़क में तीन सौ मीटर सड़क का लेपन कर शेष 100 मीटर सड़क को अधूरा छोड़ दिया गया। यह छोटी सी सड़क सीता समाहित स्थल को महर्षि वाल्मीकि आश्रम, गंगा तट, सरकारी डाक बंगला, मौनी बाबा आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, बाबा धवासा नाथ आश्रम से होते हुए बनकट गांव में मुख्य सड़क जंगीगंज धनतुलसी मार्ग से जुड़ती है। इस मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं और सैलानियों का आवागमन प्रतिदिन होता है। गंगा यात्रा जल के साथ ही हाइवे से होकर भी आएगी। इस दौरान धनतुलसी मोड़ पर फैला आटो चालकों का कब्जा एवं दुकानों के अतिक्रमण भी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
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