{"_id":"6a89ebfcdde3da56f70d2f0c","slug":"national-lok-adalat-on-september-12-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-147604-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
शनिवार को प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव आशीष सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराने की रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों से अपील की गई कि संबंधित विभागों के अधिकाधिक मामलों को लोक अदालत में भेजकर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा-138 एनआई एक्ट के मामले, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली एवं जल बिल से संबंधित विवाद, सेवा एवं वेतन संबंधी प्रकरण, स्टांप, राजस्व एवं चकबंदी वाद, किराया, व्यादेश, विशिष्ट अनुतोष सहित अन्य दीवानी मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा बैंकों एवं अन्य संस्थाओं के प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर समाधान कराने का प्रयास होगा। संवाद
विज्ञापन
शनिवार को प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव आशीष सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराने की रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों से अपील की गई कि संबंधित विभागों के अधिकाधिक मामलों को लोक अदालत में भेजकर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा-138 एनआई एक्ट के मामले, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली एवं जल बिल से संबंधित विवाद, सेवा एवं वेतन संबंधी प्रकरण, स्टांप, राजस्व एवं चकबंदी वाद, किराया, व्यादेश, विशिष्ट अनुतोष सहित अन्य दीवानी मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा बैंकों एवं अन्य संस्थाओं के प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर समाधान कराने का प्रयास होगा। संवाद
विज्ञापन