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जिले की 30 सहकारी समितियों से वितरित होगी नैनो यूरिया
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सहकारिता विभाग ने किसानों को लंबी लाइनों से राहत देने के लिए अब 30 सहकारी समितियों से लगभग 15 हजार बाटल प्रदूषणमुक्त तरल नैनो यूरिया के वितरण की तैयारी की है। दो दिन में चयनित समितियों पर नैनो यूरिया के बाटल को पहुंचाकर वितरण भी शुरू करा दिया जाएगा।
एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन की फसलों में प्रथम से लेकर अंतिम चरण तक यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसान सुबह से शाम तक वितरण केंद्रों पर लंबी लाइन में लगकर समय बर्बाद करते हैं। प्रदूषणमुक्त तरल नैनो यूरिया को इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव ने विकसित कर सस्ता, अधिक कारगर, पर्यावरण के अनुकूल सर्टिफाइड किया है। प्रति आधे लीटर का बाटल एकड़ के लिए उपयोगी होगा। किसान प्रति बीघे में दो से चार मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर खड़ी फसलों में छिड़काव करें। नाइट्रोजन की कमी वाले फसल में यह मात्रा दो और अधिक जरूरत वाली फसल में चार मिली तक छिड़काव कर सकेंगे। नैनो यूरिया परिवहन एवं भंडारण के खर्च, वातावरण के प्रदूषण को कम करने, सभी तरह के फसलों के लिए उपयोगी, पानी, हवा, उत्पादन के सुधार में उपयोगी है। 12 घंटे के अंतराल में बारिश होने पर पुन: छिड़काव, प्रति बाटल का उपयोग दो वर्ष के अंदर होने चाहिए। छिड़काव के समय मास्क और दस्ताने का प्रयोग करने से शारीरिक नुकसान नहीं होगा। फसल के अंकुरित/रोपाई होने पर प्रथम छिड़काव 30 से 35 और दूसरा छिड़काव 15 से 20 दिन में करना चाहिए। समितियों से नैनो यूरिया प्रति पांच सौ ग्राम के बाटल को 240 रुपये में किसानों को उपलब्ध होंगे।
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एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन की फसलों में प्रथम से लेकर अंतिम चरण तक यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसान सुबह से शाम तक वितरण केंद्रों पर लंबी लाइन में लगकर समय बर्बाद करते हैं। प्रदूषणमुक्त तरल नैनो यूरिया को इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव ने विकसित कर सस्ता, अधिक कारगर, पर्यावरण के अनुकूल सर्टिफाइड किया है। प्रति आधे लीटर का बाटल एकड़ के लिए उपयोगी होगा। किसान प्रति बीघे में दो से चार मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर खड़ी फसलों में छिड़काव करें। नाइट्रोजन की कमी वाले फसल में यह मात्रा दो और अधिक जरूरत वाली फसल में चार मिली तक छिड़काव कर सकेंगे। नैनो यूरिया परिवहन एवं भंडारण के खर्च, वातावरण के प्रदूषण को कम करने, सभी तरह के फसलों के लिए उपयोगी, पानी, हवा, उत्पादन के सुधार में उपयोगी है। 12 घंटे के अंतराल में बारिश होने पर पुन: छिड़काव, प्रति बाटल का उपयोग दो वर्ष के अंदर होने चाहिए। छिड़काव के समय मास्क और दस्ताने का प्रयोग करने से शारीरिक नुकसान नहीं होगा। फसल के अंकुरित/रोपाई होने पर प्रथम छिड़काव 30 से 35 और दूसरा छिड़काव 15 से 20 दिन में करना चाहिए। समितियों से नैनो यूरिया प्रति पांच सौ ग्राम के बाटल को 240 रुपये में किसानों को उपलब्ध होंगे।
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