Mulayam Singh Yadav: कालीन नगरी भदोही को 'नेताजी' ने ही बनाया था जिला, सपाइयों ने कहा- हम हो गए अनाथ
मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी भदोही को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने जिला बनाया था। सपा संरक्षक के निधन की खबर से भदोही में लोग मर्माहत हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी भदोही से सपा संरक्षक और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का खास लगाव रहा है। पार्टी गठन से लेकर राजनीति में सक्रिय रहने तक वह सभी से जुड़े रहे। यही कारण रहा कि लोगों की मांग पर 30 जून 1994 को वाराणसी और मिर्जापुर जिले के हिस्से को अलग कर भदोही नया जिला बनाया था।
सोमवार सुबह नेताजी के निधन की खबर सुनकर जिले में भी शोक की लहर दौड़ गई। जिले के सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे हम अनाथ हो गए हैं। पार्टी गठन से लेकर राजनीति में सक्रिय रहने तक मुलायम सिंह यादव जिले के लोगों से जुड़े रहे।
भदोही बना समाजवादी पार्टी का गढ़
1993 में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार बनी। उस दौरान भदोही को अलग जिला बनाने की मांग जोर पकड़ चुकी थी। स्थानीय नेताओं की मांग पर 30 जून 1994 को वाराणसी से अलग कर भदोही को जिला बना दिया। उसके बाद तो भदोही समाजवादी गढ़ बन गया। हर चुनाव में सपा प्रत्याशियों की जीत तय मानी जाती थी।
सपा के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व मंत्री रामरति बिंद ने बताया कि 1989 से वह नेताजी के साथ जुड़े। पार्टी को खड़ा करने में नेताजी ने गांव-गांव तक पैदल यात्रा की। उनका आशीर्वाद हमेशा भदोही को मिलता रहा। उनके जाने से लगता है कि अनाथ हो गए। इसके अलावा नेताजी के कई निर्यातकों से भी गहरे संबंध रहे।
2014 में अंतिम बार भदोही आए मुलायम सिंह यादव
2014 से पूर्व तक मुलायम सिंह यादव विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार के लिए भदोही आते थे। 2014 में पूर्व विधायक विजय मिश्र की बेटी एवं लोकसभा प्रत्याशी सीमा मिश्र के प्रचार में वह अंतिम बार जिले में आए। 2007 के चुनाव में पुलिस को चकमा देकर पूर्व विधायक विजय मिश्र को हेलीकॉप्टर से लेकर उड़ गए थे। यह प्रकरण काफी चर्चा में रहा था।