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सांसद निधि : टेंडर में धांधली मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित

Wed, 29 Nov 2023 12:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Nov 2023 12:49 AM IST
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MP Nidhi: Three-member investigation team formed in the case of tender rigging
ज्ञानपुर। राज्यसभा सांसद जया बच्चन की निधि से होने वाले निर्माण कार्य के टेंडर में धांधली का मामला तूल पकड़ लिया है। सांसद रमेश चंद्र, विधायक जाहिद बेग, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा और ठेकेदारों की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी यशवंत कुमार सिंह ने तीन अफसरों की जांच समिति गठित कर दी है। समिति को तीन दिन में जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने करीब एक दशक पूर्व भदोही को अपना नोडल जिला बनाया था। उसके बाद वह प्रशासन के भेजे प्रस्ताव पर कई गांव में सड़क, इंटरलाॅकिंग सहित अन्य विकास कार्याें की स्वीकृति दी थी। करीब दो महीने पूर्व उनके निधि से सवा करोड़ की इंटरलाॅकिंग के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से निविदा जारी की गई। इसमें तकनीकी कमेटी की बैठक होने से पूर्व ही चहेते ठेकेदारों का चयन कर लिया गया। मानक एवं नियम विरूद्ध उठाए कदम को लेकर सांसद रमेश चंद्र बिंद, भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग और भाजपा जिलाध्यक्ष ने 27 नवंबर को शिकायत की। मंगलवार को ठेकेदार विनय सिंह, शशिचंद्र मिश्रा आदि ने भी प्रार्थना पत्र सीडीओ को देकर जांच कराने की मांग की। मामले को संज्ञान में लेते हुए सीडीओ यशवंत कुमार सिंह ने जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित कर दिया। इसमें उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग और वरिष्ठ कोषाधिकारी शामिल हैं। सीडीओ ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता अख्तर अली अंसारी को निर्देश दिया कि जांच टीम के समक्ष जरूरी अभिलेख प्रस्तुत करें। तीन दिनों में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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इनसेट
पहले भी विवादों में रहा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
ज्ञानपुर। विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग पहले भी काफी विवादों में रहा है। टेंडर में धांधली का यह पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी चहेतों को लाभ देने के लिए विभागीय अधिकारियों की तरफ से मनमानी की गई। डीएम और सीडीओ के निर्देश के बाद भी कंप्यूटर ऑपरेटर को आज तक नहीं हटाया गया।
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