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Bhadohi News: मां और छोटे भाई की पत्नी के नाम पर आवास आवंटित कर निकाले पैसे
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों के चयन को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। इसके बाद भी इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। ताजा मामला डीघ ब्लॉक के ओझापुर गांव का है। आरोप है कि प्रधान ने अपनी मां और छोटे भाई की पत्नी के नाम से आवास आवंटित कराया। इसके बाद बिना आवास निर्माण कराए ही धनराशि का गबन करने के साथ ही फर्जी अभिलेखों के आधार पर मजदूरी के नाम पर मनरेगा से पैसा निकाला गया।
शिकायतकर्ता लवकुश तिवारी ने डीएम को पत्र सौंपकर मामले की जांच की मांग की। डीएम ने सीडीओ को जांच सौंपा।
शिकायतकर्ता लवकुश तिवारी ने बताया कि प्रधान की ओर से 2020-21 में दो महिलाओं के नाम का चयन कर उनके खाते में तीन किश्तों में एक लाख 20 हजार प्रति आवास के अनुसार दो लाख 40 हजार भेजा गया। आवास लाभार्थियों में एक उनकी मां और एक उनके छोटे भाई की पत्नी थी। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और फोटो के सहारे मनरेगा से आवास निर्माण की मजदूरी के नाम पर 30 हजार रुपये का भी भुगतान कर लिया गया।
बताया कि गांव में कई पात्रों को आवास आवंटित नहीं हो सका है। वहीं दूसरी तरफ अपात्रों के नाम पर आवास आवंटित कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी विशाल सिंह ने मामले की जांच सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी को दी। इस संबंध में सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी मिलने पर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
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शिकायतकर्ता लवकुश तिवारी ने डीएम को पत्र सौंपकर मामले की जांच की मांग की। डीएम ने सीडीओ को जांच सौंपा।
शिकायतकर्ता लवकुश तिवारी ने बताया कि प्रधान की ओर से 2020-21 में दो महिलाओं के नाम का चयन कर उनके खाते में तीन किश्तों में एक लाख 20 हजार प्रति आवास के अनुसार दो लाख 40 हजार भेजा गया। आवास लाभार्थियों में एक उनकी मां और एक उनके छोटे भाई की पत्नी थी। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और फोटो के सहारे मनरेगा से आवास निर्माण की मजदूरी के नाम पर 30 हजार रुपये का भी भुगतान कर लिया गया।
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बताया कि गांव में कई पात्रों को आवास आवंटित नहीं हो सका है। वहीं दूसरी तरफ अपात्रों के नाम पर आवास आवंटित कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी विशाल सिंह ने मामले की जांच सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी को दी। इस संबंध में सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी मिलने पर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
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