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सुरक्षा कारणों से कोर्ट में पेश नहीं हुए विधायक
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ज्ञानपुर। आगरा सेंट्रल जेल में निरुद्ध विधायक विजय मिश्रा को पुलिस लाइन से गारद नहीं मिलने की वजह से बुधवार को सीजेएम कोर्ट में उनकी पेशी नहीं हो सकी। दरअसल सुरक्षा, ब्लॉक प्रमुख चुनाव और कोविड के कारण पुलिस और जिला प्रशासन ने विधायक विजय मिश्र की पेशी को टालने का निर्णय लिया। हालांकि फिलहाल अभी वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही उनकी सुनवाई जारी रहेगी। वहीं दूसरी ओर बाहुबली विधायक के समर्थकों के नहीं आने से उनके समर्थकों और करीबियों में मायूसी छा गई
गौरतलब हो कि ज्ञानपुर सीट से लगातार चौथी बार विधायक बने विजय मिश्र के खिलाफ जुलाई 2020 में ताबड़तोड़ छह से सात मुकदमे दर्ज हुए। इसमें व्यापारी को धमकी, रिश्तेदार की जमीन हड़पने, ग्राम प्रधान के लेटरपैड का दुुरुपयोग और सामूहिक दुष्कर्म आदि शामिल रहे। उनके साथ पत्नी एमएलसी रामलली मिश्र, बेटे विष्णु मिश्र और नाती ज्योति मिश्र के खिलाफ भी केस दर्ज हुए। अगस्त में मध्य प्रदेश के आगरा से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस समय वह सेंट्रल जेल आगरा में बंद है। रिमांड न बनने के कारण सीजेएम खातून बेगम की अदालत ने बुधवार को उन्हें तलब किया। दरअसल विधायक विजय मिश्र की पेशी पर उन्हें कड़ी पुलिस अभिरक्षा में ले जाया जाता है। इसके लिए पुलिस लाइन से सशस्त्र गारद उन्हें पेशी पर जानी थी। सेंट्रल जेल प्रशासन ने विधायक को कोर्ट भेजने के लिए गारद मांगी थी, हालांकि ब्लॉक प्रमुख चुनाव और कोविड के कारण गारद नहीं मिल सके। जिससे विधायक की कोर्ट में पेशी नहीं हो सकी।
पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा कि सुरक्षा कारणों से विधायक की पेशी नहीं हो सकी। जिसके पीछे ब्लॉक प्रमुख चुनाव माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विधायक के करीबी और समर्थक उनके आने की खबर से काफी प्रसन्न थे।
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गौरतलब हो कि ज्ञानपुर सीट से लगातार चौथी बार विधायक बने विजय मिश्र के खिलाफ जुलाई 2020 में ताबड़तोड़ छह से सात मुकदमे दर्ज हुए। इसमें व्यापारी को धमकी, रिश्तेदार की जमीन हड़पने, ग्राम प्रधान के लेटरपैड का दुुरुपयोग और सामूहिक दुष्कर्म आदि शामिल रहे। उनके साथ पत्नी एमएलसी रामलली मिश्र, बेटे विष्णु मिश्र और नाती ज्योति मिश्र के खिलाफ भी केस दर्ज हुए। अगस्त में मध्य प्रदेश के आगरा से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस समय वह सेंट्रल जेल आगरा में बंद है। रिमांड न बनने के कारण सीजेएम खातून बेगम की अदालत ने बुधवार को उन्हें तलब किया। दरअसल विधायक विजय मिश्र की पेशी पर उन्हें कड़ी पुलिस अभिरक्षा में ले जाया जाता है। इसके लिए पुलिस लाइन से सशस्त्र गारद उन्हें पेशी पर जानी थी। सेंट्रल जेल प्रशासन ने विधायक को कोर्ट भेजने के लिए गारद मांगी थी, हालांकि ब्लॉक प्रमुख चुनाव और कोविड के कारण गारद नहीं मिल सके। जिससे विधायक की कोर्ट में पेशी नहीं हो सकी।
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पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा कि सुरक्षा कारणों से विधायक की पेशी नहीं हो सकी। जिसके पीछे ब्लॉक प्रमुख चुनाव माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विधायक के करीबी और समर्थक उनके आने की खबर से काफी प्रसन्न थे।
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