{"_id":"62489c7e5db48069952e9f3d","slug":"methods-of-home-remedies-remembered-during-the-corona-period-bhadohi-news-vns6462968153","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में याद आईं घरेलू उपचार की विधियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में याद आईं घरेलू उपचार की विधियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैश्विक महामारी से पहले विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे घरेलू उपचार के विधियों की याद अचानक कालीन नगरी के वासियों आने लगी। कोरोना संक्रमण खत्म करने के लिए लोग तरह-तरह के घरेलू नुस्खे आजमाने लगे थे। जैसे हल्दी, अजवाइन, तुलसी, लौंग, इलायची, नीबू, अदरक, लहसुन, प्यास, मरीच, फिटकिरी और गर्म दूध में हल्दी डालकर आदि कई तरह के घरेलू नुस्खों का लोग घर पर ही प्रयोग कर रहे थे।
कोरोना काल में चाय की जगह काढ़ा ने ले लिया था। किसी के घर जाइए तो काढ़ा जरूर मिलता था। आयुर्वेदिक पद्यति के चिकित्सकों की मांग बढ़ गई थी। कोरोना की पहली और दूसरी के मध्य लोग एक के बाद एक घरेलू नुस्खे अपनाते दिखे। कोरोना महामारी लोगों को बहुत कुछ सिखा गई। अब स्थिति यह है कि लोग ऐसी चीजों को घर पर रख रहे हैं। उसका दैनिक जीवन में उपयोग भी कर रहे हैं। इम्युनिटी बढ़ाने की बात हो या फिर सर्दी, जुकाम ठीक करने की बात हो, हर काम में घरेलू नुस्खे काम आने लगे हैं। हरिशंकर यादव (68) बताते हैं कि उनके समय में खांसी, सर्दी, बुखार होने पर दवा नहीं ली जाती थी, बल्कि घरेलू जड़ी बूटी से उपचार किया जाता था। जिससे वे जल्द स्वस्थ हो जाते थे। फिर वर्षो तक दोबारा बीमार नहीं पड़ते थे। आज की युवा पीढ़ी घरेलू उपचार व जड़ी बूटी से भली भांति परिचित नहीं है। थोड़ा सा जुकाम होने पर लोग दवा का सेवन करने लगते हैं। हालांकि कोरोना काल में लोगों में काफी बदलाव दिखा। वे चीजें पुन: दिखने लगीं जो विलुप्ती के कगार पर पहुंच गई थीं। कम से दो घंटे धूप में बैठ जाएं। धूप में रहने के कारण संक्रमण समाप्त हो जाता हैं। शरीर को गीला नहीं होने दें और समय-समय पर धूप का सेवन करतेे रहें। अगर संक्रमण की आशंका है तो ऐसे लोगों से हाथ न मिलाएं और दो गज की दूरी बनाकर रखें। पंद्रह मिनट तक हाथ को सूखा रखें। इससे संक्रमण खत्म हो जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें। इससे वायरस फेफड़ों तक नहीं पहुंचता है। रोजाना लौंग, अदरक, तुलसी गर्म पानी में डालकर उसका घोल बनाकर सेवन करें। दूध में हल्दी डालकर पीएं। तापमान अधिक होने से वायरस समाप्त हो जाता है। इसलिए धूप का सेवन जरूर करें। कपूर, लौंग, इलायची और जावित्री को पीसकर अपने साथ रखें और समय-समय पर उसे सूंघते रहें। ऐसा करने से वायरस प्रवेश नहीं कर पाता है। विटामिन युक्त फल का सेवन करना चाहिए। प्रतिदिन प्राणायाम और सूर्य नमस्कार करें। कपाल भांति करें। इससे श्वसन तंत्र और फेफड़े मजबूत रहते हैं। राजकीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ.बृजराज पटेल का कहना है कि कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए घरेलू उपचार भी फायदेमंद रहा है। समय - समय से लोग इसका लाभ लेते हैं। कोरोना के दौरान इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर कोरोना को हराने तक में आवुर्येदिक दवाओं का इस्तेमाल ज्यादा हुआ। कई लोगों ने अब आयुर्वेदिक दवाओं को अपने घर में भी रखना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
कोरोना काल में चाय की जगह काढ़ा ने ले लिया था। किसी के घर जाइए तो काढ़ा जरूर मिलता था। आयुर्वेदिक पद्यति के चिकित्सकों की मांग बढ़ गई थी। कोरोना की पहली और दूसरी के मध्य लोग एक के बाद एक घरेलू नुस्खे अपनाते दिखे। कोरोना महामारी लोगों को बहुत कुछ सिखा गई। अब स्थिति यह है कि लोग ऐसी चीजों को घर पर रख रहे हैं। उसका दैनिक जीवन में उपयोग भी कर रहे हैं। इम्युनिटी बढ़ाने की बात हो या फिर सर्दी, जुकाम ठीक करने की बात हो, हर काम में घरेलू नुस्खे काम आने लगे हैं। हरिशंकर यादव (68) बताते हैं कि उनके समय में खांसी, सर्दी, बुखार होने पर दवा नहीं ली जाती थी, बल्कि घरेलू जड़ी बूटी से उपचार किया जाता था। जिससे वे जल्द स्वस्थ हो जाते थे। फिर वर्षो तक दोबारा बीमार नहीं पड़ते थे। आज की युवा पीढ़ी घरेलू उपचार व जड़ी बूटी से भली भांति परिचित नहीं है। थोड़ा सा जुकाम होने पर लोग दवा का सेवन करने लगते हैं। हालांकि कोरोना काल में लोगों में काफी बदलाव दिखा। वे चीजें पुन: दिखने लगीं जो विलुप्ती के कगार पर पहुंच गई थीं। कम से दो घंटे धूप में बैठ जाएं। धूप में रहने के कारण संक्रमण समाप्त हो जाता हैं। शरीर को गीला नहीं होने दें और समय-समय पर धूप का सेवन करतेे रहें। अगर संक्रमण की आशंका है तो ऐसे लोगों से हाथ न मिलाएं और दो गज की दूरी बनाकर रखें। पंद्रह मिनट तक हाथ को सूखा रखें। इससे संक्रमण खत्म हो जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें। इससे वायरस फेफड़ों तक नहीं पहुंचता है। रोजाना लौंग, अदरक, तुलसी गर्म पानी में डालकर उसका घोल बनाकर सेवन करें। दूध में हल्दी डालकर पीएं। तापमान अधिक होने से वायरस समाप्त हो जाता है। इसलिए धूप का सेवन जरूर करें। कपूर, लौंग, इलायची और जावित्री को पीसकर अपने साथ रखें और समय-समय पर उसे सूंघते रहें। ऐसा करने से वायरस प्रवेश नहीं कर पाता है। विटामिन युक्त फल का सेवन करना चाहिए। प्रतिदिन प्राणायाम और सूर्य नमस्कार करें। कपाल भांति करें। इससे श्वसन तंत्र और फेफड़े मजबूत रहते हैं। राजकीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ.बृजराज पटेल का कहना है कि कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए घरेलू उपचार भी फायदेमंद रहा है। समय - समय से लोग इसका लाभ लेते हैं। कोरोना के दौरान इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर कोरोना को हराने तक में आवुर्येदिक दवाओं का इस्तेमाल ज्यादा हुआ। कई लोगों ने अब आयुर्वेदिक दवाओं को अपने घर में भी रखना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन