सुरियावां। श्रीमद्भागवत महापुराण के श्रवण मात्र से ही कलियुग के सारे दोष नष्ट हो जाते हैं। इससे महान पाप करने वाली आत्मा को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सुरियावां क्षेत्र के तुलापुर बहादुरान छतमा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के पहले दिन रविवार को शंकर मठ हावड़ा के सरस्वती पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी प्रज्ञानानंद सरस्वती ने भक्तों को भागवत कथा सुनाते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि कलियुग का सबसे बड़ा दोष लोगों को अल्पज्ञ, आयुहीन, श्रीहीन, विद्याहीन बनाता है। मनुष्य को इन सभी दुर्व्यसनों से बचने का सबसे बड़ा सरल उपाय श्रीमद्भागवत महापुराण शरणागति है। इस दौरान आचार्य अजय मिश्रा, मदनानंद गिरि, प्रकाश गिरि, प्रमोद गिरि, नागेश गिरि, विमल गिरि, आयुष, वेदांस, राजधर बिंद आदि मौजूद रहे।