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कई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बदहाल, परेशान हो रहे मरीज

Sun, 27 Feb 2022 12:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 12:43 AM IST
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Many health and wellness centers are in bad shape, patients are getting worried
ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन ठीक ढंग नहीं होने के कारण आम जनता को उसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उसी में से एक महत्वपूर्ण योजना है आयुष्मान भारत की हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की व्यवस्था। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मुकम्मल करने के लिए गांव-गांव में इंतजाम तो किए गए, लेकिन सुस्ती और उदासीनता के कारण वहां लोगों को इन सेंटरों का कम लाभ मिल पा रहा है। कहीं वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है तो कुछ स्थानों पर ताले बंद हैं।
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जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित होने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की पड़ताल की गई तो पता चला कि कई की हालत बदतर है। डीघ ब्लॉक के दरवांसी स्थित मातृ एवं शिशु उप कल्याण केंद्र यानी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थिति ठीक नहीं है। यहां का भवन जर्जर है। ऐसे में वहां करीब डेढ़ वर्ष से कक्ष का निर्माण कराया जा रहा है। सेंटर में बिजली और पानी का भी ठीक इंतजाम नहीं है। यहां के लोग बताते हैं कि बारिश के दिनों में यहां कोई रुकना नहीं चाहता है। अभोली ब्लॉक के सेमरा स्थित केंद्र की हालत भी ठीक नहीं है। यहां के लोग बताते हैं कि केंद्र नियमित तौर पर नहीं खुलता है। यहां स्ट्रेचर, बेड आदि भी अव्यवस्थित है। यहां तो अपना भवन भी नहीं है। सेंटर संचालित करने के लिए किराए के भवन में कक्ष लिए गए हैं। मनोज, कट्टर शर्मा ने बताया कि वेलनेस सेंटर केवल टीकाकरण तक सीमित रह गया है। इसी तरह भदोही ब्लॉक के चौरी स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ज्यादातर समय ताला ही बंद रहता है। ग्रामीण बताते हैं कि यहां सुबह तो सेंटर खुलता है, लेकिन कुछ देर के बाद बंद हो जाता है। यहां के स्टाफ की ड्यूटी कोविड में लगी है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 55 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 18 सेंटरों के निर्माण का काम चल रहा है। कहीं एक साल तो कहीं दो-ढाई साल से काम चल रहा है। यदि निर्माण कार्य समय से पूरे हो जाएं तो व्यवस्था में सुधार संभव है। ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हों। इन केंद्रों पर प्राथमिक इलाज, जांच आदि की सुविधा होती है। डीघ ब्लॉक के मरीज शाश्वत सिंह ने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का सिर्फ कागजों पर नहीं, धरातल पर चलाने और जिम्मेदारी निभाने से महत्व समझ में आएगा। दरवांसी सेंटर की स्थिति के संबंध में उनका कहना था कि यहां जो एएनएम सेंटर है, वहां बारिश के दिनों में विभाग के लोग ही नहीं रहना चाहते। अभोली ब्लॉक के सेमरा स्थित सेंटर के सवाल पर मरीज रागिनी देवी ने कहा कि आयुष मंत्रालय गरीब, मजदूर, बेरोजगार मरीजों के स्वास्थ्य की चिंता कर प्रति माह हजारों रुपये खर्च करता है, जिसका लाभ मिलना दूर की बात हो चुकी है। भदोही ब्लॉक के चौरी सेंटर के पास की रहने वाली उर्मिला ने कहा कि ऐसे सेंटरों की दशा सुधारने के लिए अभियान चलना चाहिए। सीएमओ डॉ.एसके चक का कहना है कि सभी केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सभी को निर्देशित किया गया है। कहीं की भी शिकायत मिलने पर जांच की जाती है। 18 सेंटरों के निर्माण कार्य लटके हुए हैं। निर्माण कार्य चुनाव बाद पूरा कराने में तेजी दिखाई जाएगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ
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