{"_id":"612649fa8ebc3e7a18371a1a","slug":"mang-mahotsav-campaign-should-be-run-against-oppression-bhadohi-news-noi607795381","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘उत्पीड़न के खिलाफ कोटेदार चलाएं मांग महोत्सव अभियान’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘उत्पीड़न के खिलाफ कोटेदार चलाएं मांग महोत्सव अभियान’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। अपने हक-अधिकार से वंचित और उत्पीड़न से त्रस्त कोटेदारों ने अन्न नहीं बल्कि मांग महोत्सव अभियान चलाएं, तभी राहत मिल सकेगी। ये बातें बुधवार को जनपद के भ्रमण पर आए कोटेदार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश तिवारी ने कही।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कोटेदारों की ओर से लंबित मांग मानदेय, 300 कुंतल राशन का उठान करने वाले बढ़े दर पर कमीशन देने, घटतौली, आपूर्ति निरीक्षकों की ओर से उत्पीड़न जैसे मांगों पर खाद्य एवं रसद विभाग की अनदेखी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी कोटेदारों को कहीं से भी कमजोर न समझे। हक-अधिकार के लिए संघ संघर्ष करने के लिए सड़क से सदन तक मजबूती से खड़ा है। नाराजगी जताई कि दो वर्ष से महामारी के नाम पर नि:शुल्क राशन का वितरण कराने का निर्देश जारी कर दिया जाता है लेकिन कोटेदारों की समस्या का निवारण करने में तेजी नहीं दिखाई जाती।
मंडलीय और बफर गोदामों से राशन का उठान तौल कर लिया जाता है और ब्लाक गोदामों से उठान कराने पर 5 से 10 किलोग्राम प्रति बोरी मिलती है। विभागीय कमी का खामियाजा भुगतने वाले कार्डधारक कोटेदार को निशाने पर रखकर उच्चाधिकारियों तक शिकायत करते हैं उसके बाद जांच के नाम पर उत्पीड़न पूरे वर्ष तक जारी रहता है। कई वर्ष से संघ मांगों को पूरा करने की आवाज उठा रहा है जिसे कार्रवाई के नाम पर दबाना अब बर्दाश्त नहीं होगा। चार सितंबर मांग पूरी न होने पर पांच सितंबर से बांह पर काली पट्टी बांध कर कोटेदार मांग महोत्सव मनाने की हिदायत दी।
विज्ञापन
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गिरजा शंकर तिवारी कल्लू, अंजनी उपाध्याय, राजेश दुबे, विजय बहादुर मौर्य, विपिन पांडेय, विवेक दुबे, प्रवीण तिवारी, समरजीत पटेल आदि रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कोटेदारों की ओर से लंबित मांग मानदेय, 300 कुंतल राशन का उठान करने वाले बढ़े दर पर कमीशन देने, घटतौली, आपूर्ति निरीक्षकों की ओर से उत्पीड़न जैसे मांगों पर खाद्य एवं रसद विभाग की अनदेखी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी कोटेदारों को कहीं से भी कमजोर न समझे। हक-अधिकार के लिए संघ संघर्ष करने के लिए सड़क से सदन तक मजबूती से खड़ा है। नाराजगी जताई कि दो वर्ष से महामारी के नाम पर नि:शुल्क राशन का वितरण कराने का निर्देश जारी कर दिया जाता है लेकिन कोटेदारों की समस्या का निवारण करने में तेजी नहीं दिखाई जाती।
विज्ञापन
मंडलीय और बफर गोदामों से राशन का उठान तौल कर लिया जाता है और ब्लाक गोदामों से उठान कराने पर 5 से 10 किलोग्राम प्रति बोरी मिलती है। विभागीय कमी का खामियाजा भुगतने वाले कार्डधारक कोटेदार को निशाने पर रखकर उच्चाधिकारियों तक शिकायत करते हैं उसके बाद जांच के नाम पर उत्पीड़न पूरे वर्ष तक जारी रहता है। कई वर्ष से संघ मांगों को पूरा करने की आवाज उठा रहा है जिसे कार्रवाई के नाम पर दबाना अब बर्दाश्त नहीं होगा। चार सितंबर मांग पूरी न होने पर पांच सितंबर से बांह पर काली पट्टी बांध कर कोटेदार मांग महोत्सव मनाने की हिदायत दी।
विज्ञापन
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गिरजा शंकर तिवारी कल्लू, अंजनी उपाध्याय, राजेश दुबे, विजय बहादुर मौर्य, विपिन पांडेय, विवेक दुबे, प्रवीण तिवारी, समरजीत पटेल आदि रहे।