{"_id":"5ff757db4b582d03f83e401d","slug":"loss-of-500-crores-due-to-cancellation-of-domotex","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोमोटेक्स रद होने से 500 करोड़ का नुकसान, देश भर से 300 कालीन निर्यातक लेते हैं भाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोमोटेक्स रद होने से 500 करोड़ का नुकसान, देश भर से 300 कालीन निर्यातक लेते हैं भाग
Fri, 08 Jan 2021 12:20 AM IST
स्वाधीन तिवारी
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 08 Jan 2021 12:20 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कोविड-19 के चलते हनोवर (जर्मनी) में होने वाला डोमोटेक्स इस वर्ष नहीं हो सकेगा। इससे भारतीय कालीन उद्योग को 500 करोड़ की चपत लगेगी। डोमोटेक्स में देश भर से 300 कालीन निर्यातक सहभाग करते हैं। इसमें 80 प्रतिशत उद्यमी भदोही-मिर्जापुर से होते हैं। प्रदर्शनी रद होने से तैयारियों में जुटे उद्यमियों को करारा झटका लगा है। अब उन्हें जनवरी 2022 तक का इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन
कारपेट, टेक्सटाइल के क्षेत्र में डोमोटेक्स विश्व का सबसे बड़ी प्रदर्शनी मानी जाती है। इसमें दुनिया भर से हजारों प्रदर्शक तो भाग लेते ही हैं, लाखों विजिटर भी पहुंचते हैं। कुल मिलाकर भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों और वाल हैंगिंग के लिए यह एक बड़ा प्लेटफार्म बन चुका था।
विज्ञापन
भदोही के दर्जनों कालीन निर्यातक साल भर इस मेले का इंतजार करते हैं। डोमोटेक्स का आयोजन हर वर्ष जनवरी में होता है। कोविड के प्रभावों को देखते हुए वर्ष 2021 के फेयर को मई-21 के लिए टाल दिया गया था, लेकिन मंगलवार की देर इस वर्ष के मेले को रद करने की खबरें आ जाने से निर्यातक निराश हो गए।
विज्ञापन
डोमोटेक्स में देश भर से तीन सौ कालीन निर्यातक सहभाग करते हैं। इसमें से 250 निर्यातक सीईपीसी के नेतृत्व में वहां जाते हैं। भाग लेने वालों में 80 प्रतिशत उद्यमी भदोही-मिर्जापुर से होते हैं। यही कारण है कि डोमोटेक्स के रद होने का सर्वाधिक असर इस परिक्षेत्र पर पड़ेगा। डोमोटेक्स के रद होने से आम निर्यातकों में निराशा है। लोगों का कहना है कि कितने भी खराब हालात हों भारत के उद्यमियों को पांच सौ करोड़ का काम तो मिल जाता था।